पहली अक्टूबर को नहीं, 29 सितंबर को दिल्ली में होगी बोनस पर बैठक

कोरबा में कोल इंडिया अपने कर्मचारियों को परफार्मेंस लिंक्ड रिवार्ड (पीएलआर) प्रदान करती है। इसे आमतौर पर बोनस कहा जाता है। पीएलआर पर चर्चा के लिए कोल इंडिया ने जेबीसीसीआई-11 की स्टैंडड्राइजेशन कमेटी की बैठक बुलाई है। यह बैठक 29 सितंबर रविवार दोपहर 3 बजे लोदी रोड स्थित कोल इंडिया के स्कोप काम्प्लेक्स में आयोजित किया गया है।


बैठक को लेकर कोल इंडिया ने जेबीसीसीआई-11 के सदस्यों के चर्चा के बाद तिथि की घोषणा की है। बैठक में कोल इंडिया के चेयरमेन, वित्त निदेशक सहित सभी कंपनियों के डायरेक्टर पर्सनल के अलावा बीएमएस, एचएमएस, एटक, सीटू के प्रतिनिधि शामिल होंगे। हर साल कोल इंडिया अपने कर्मचारियों को दुर्गा पूजा पर बोनस प्रदान करती है। इस राशि का इंतजार कोयला कामगारों को बेसब्री से रहता है और इस पर बाजार की भी नजर टिकी रहती है।


बोनस के साल दर साल वृद्धि को देखकर जानकारों का मानना है कि इस बार 2024 में कोयला कामगारों का बोनस 91 हजार 800 रुपए से लेकर 93 हजार 500 के बीच पर प्रबंधन और यूनियन के बीच सहमति बन सकती है। हालांकि बोनस की राशि को लेकर श्रमिक संगठनों ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं और न ही अभी तक अपनी मांग को लेकर यूनियन की ओर से कोई संयुक्त बयान जारी किया गया है।


एसईसीएल में लगभग 39 हजार कर्मचारी


कोल इंडिया की सहयोगी कंपनी एसईसीएल में लगभग 39 हजार 454 कामगार वर्तमान में कामगार हैं। इसमें 36 हजार 515 पुरुष और 2 हजार 239 महिलाएं है। इन्हीं कर्मचारियों को बोनस का वितरण किया जाना है।

कोरबा जिले में स्थित एसईसीएल की कोरबा क्षेत्र के अलावा दीपका, गेवरा और कुसमुंडा एरिया में लगभग 10 हजार कोयला कामगार कार्यरत है। इनकी नजर बोनस की राशि पर टिकी हुई है, जो दिल्ली में होने वाली बैठक के बाद स्पष्ट हो जाएगी।


कोयला (Coal) कामगारों के बोनस पर चर्चा एक अक्टूबर के बजाय 29 सितंबर को नई दिल्ली को होगी। बैठक की तिथि की घोषणा कोल इंडिया ने कर दी है। इस बैठक पर कोयला कर्मचारियों की नजर है। यह जानना चाहते हैं कि इस बार उन्हें बोनस कितनी मिलेगी।