गार्डन बना गणित की पाठशाला, पौधे सिखा रहे सूत्र तो क्यारियां बता रही क्षेत्रफल

शिक्षक दिवस पर विशेष: स्याहीमुड़ी हाईस्कूल की शिक्षिका प्रभा साव की अनूठी पहल, खेल-खेल में गणित सीख रहे विद्यार्थी

कोरबा। आमतौर पर गणित की पढ़ाई ब्लैकबोर्ड, किताब और कॉपी तक सीमित रहती है, लेकिन गवर्नमेंट हाईस्कूल स्याहीमुड़ी में गणित अब कक्षा की चारदीवारी से निकलकर स्कूल के गार्डन तक पहुंच गया है। विद्यालय परिसर में विकसित मैथ्स गार्डन विद्यार्थियों के लिए गणित की ऐसी प्रयोगशाला बन गया है, जहां पौधों के बीच सूत्र दिखाई देते हैं और अलग-अलग आकार की क्यारियां क्षेत्रफल, परिमाप और ज्यामिति की अवधारणाएं समझाती हैं।

शिक्षक दिवस के अवसर पर यह पहल खास तौर पर उल्लेखनीय है। शिक्षिका प्रभा साव की पहल से वर्ष 2023 में शुरू किया गया यह मैथ्स गार्डन अब विद्यार्थियों के बीच गणित के प्रति रुचि बढ़ाने का माध्यम बन गया है। विद्यालय की प्राचार्य डॉ. फरहाना अली ने इस नवाचार को आगे बढ़ाने में सहयोग किया।

क्यारी बनी त्रिभुज, आयत और वृत्त
मैथ्स गार्डन में पाठ्यक्रम से जुड़ी विभिन्न द्विविमीय ज्यामितीय आकृतियां बनाई गई हैं। त्रिभुज, समांतर चतुर्भुज, समचतुर्भुज, आयत, वर्ग और पंचभुज जैसी आकृतियों को क्यारियों के रूप में विकसित किया गया है।

विद्यार्थी इन आकृतियों की लंबाई, चौड़ाई, ऊंचाई और कोण का स्वयं मापन करते हैं और इसके आधार पर परिमाप व क्षेत्रफल निकालना सीखते हैं।

आकृतियों के साथ उनके संबंधित सूत्र भी लिखे गए हैं, जिससे विद्यार्थियों को सूत्र याद करने के बजाय उन्हें वास्तविक आकृतियों के माध्यम से समझने का अवसर मिलता है।

बेलन, शंकु और गोले से समझ रहे आयतन
मैथ्स गार्डन में केवल द्विविमीय आकृतियों तक ही प्रयोग सीमित नहीं है। यहां बेलन, शंकु, गोला, घन और अन्य त्रिविमीय आकृतियों के मॉडल भी तैयार किए गए हैं। इनके माध्यम से विद्यार्थी आयतन और माप से जुड़ी अवधारणाओं को प्रायोगिक तरीके से समझते हैं। निर्देशांक ज्यामिति, संख्या और गणितीय सांकेतिक चिन्हों से संबंधित अवधारणाओं को भी गार्डन में स्थान दिया गया है।

इस तरह विद्यार्थी किसी आकृति को केवल किताब में देखकर नहीं, बल्कि उसके पास जाकर उसकी लंबाई-चौड़ाई और कोण को मापते हुए गणितीय अवधारणा को समझते हैं।

गणित का डर हुआ कम
शिक्षिका प्रभा साव के अनुसार, गणित को कई विद्यार्थी कठिन विषय मानते हैं और शुरुआत में उनके मन में इसके प्रति डर भी रहता है। इसी सोच को बदलने के उद्देश्य से मैथ्स गार्डन तैयार किया गया। यहां बच्चे खेल-खेल में, देखकर और स्वयं मापकर गणित सीखते हैं। इससे विषय के प्रति उनकी जिज्ञासा और रुचि दोनों बढ़ी हैं।

मैथ्स गार्डन ने यह साबित किया है कि यदि पढ़ाई को किताबों से निकालकर आसपास के वातावरण और व्यवहारिक जीवन से जोड़ दिया जाए तो कठिन लगने वाला विषय भी विद्यार्थियों के लिए रोचक और सहज बन सकता है। स्याहीमुड़ी हाईस्कूल की यह पहल शिक्षक दिवस पर शिक्षा में नवाचार और रचनात्मक प्रयोग की एक प्रेरक मिसाल बनकर सामने आती है।