पहाड़ी कोरवा पहुंचे जिला मुख्यालय, कहा- सरकारी योजनाएं भूल जाइये, मूल समस्याओं का नहीं हो पाता निदान

छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा जहां गांव-गांव में कैंप लगाकर हर गांव तक सरकारी सुविधाओं का पहुंचाने की बात कही जाती है, वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पहाड़ी कोरवा आज भी मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मंगलवार की सुबह उस वक्त देखने को मिला। आधे दर्जन से अधिक पहाड़ी कोरवा अपनी समस्याओं के निदान के लिये जिला मुख्यालय पहुंचे।

मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार के द्वारा दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में रहने वाले ग्रामीणों और खास करके पहाड़ी कोरवाओं को आत्मनिर्भर बनाने को गांव-गांव में शिविर लगाकर उन्हें प्रोत्साहित करते हुए लाभ पहुंचाने की बात कही जाती है, लेकिन सरकार की यह योजना उस समय महज कागजों में सिमट कर रह जाती है जब सैकड़ों किलोमीटर सफर तय करके कापू थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सलका के पहाड़ी कोरवा जिला मुख्यालय पहुंचकर अपनी मूलभूत समस्याओं को दूर करने के लिए कलेक्टर से गुहार लगाते हैं।

राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पहाड़ी कोरवाओं ने बताया कि इस आधुनिक युग में सड़क-नाली जैसी मूलभूत समस्या तो दूर की बात है, शासन से मिलने वाली किसी भी योजनाओं का लाभ उन तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने बताया कि उन्हें बकरी, गाय मिलना तो दूर की बात है, गांव में नाली नहीं होने से उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

उनका कहना था कि धरमजयगढ़ व कापू क्षेत्र में आदिवासी इलाकों में किसी को भी शासन का लाभ नहीं मिल पा रहा है और न ही ग्रामीणों की मूलभूत समस्या का समाधान हो पा रहा है। मंगलवार को रायगढ़ पहुंचकर कलेक्टर जनदर्शन में अपनी समस्याओं को रखते हुए समस्याओं के समाधान की गुहार लगाई है।

नहीं मिलता शासन की योजनाओं का लाभ
कलेक्टर जनदर्शन में अपने साथियों के साथ ज्ञापन सौंपने आए राजाराम एक्का ने बताया कि वे अपने पुर्वजों के समय से गांव में रहते आ रहे हैं और आज तक हमारे गांव में विकास नहीं पहुंचा है। गांव की कच्ची सड़क बरसात के दिनों में भारी परेशानी होती है, हम चाहते हैं कि गांव में सीसी रोड बन जाए, गांव में बिजली नहीं है, हमें शासन की किसी भी योजना का लाभ नहीं मिला है।