एशियन ओपनबिल स्टॉर्क संरक्षण के लिए वन विभाग की अनूठी पहल

कोरबा। एशियन ओपनबिल स्टॉर्क (घोंघिला) सहित अन्य वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर कोरबा वनमंडल के करतला वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम कनकी में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा व्यापक जनजागरूकता अभियान आयोजित किया गया। वनमंडलाधिकारी प्रेमलता यादव के निर्देश एवं उपवनमंडलाधिकारी सूर्यकांत सोनी के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा, शिव-श्रद्धालु और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

कार्यक्रम में वन्यजीव संरक्षण के महत्व और पर्यावरण संतुलन में पक्षियों की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी गई। वन्यजीव रेस्क्यू टीम के प्रमुख जितेंद्र सारथी ने कहा कि वन्यजीव केवल जंगलों के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण पर्यावरण और मानव जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने ग्रामीणों से वन्यजीवों को नुकसान नहीं पहुंचाने तथा किसी भी वन्यजीव के संकट में होने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की।

किसानों के लिए भी उपयोगी है घोंघिला
नोवा नेचर के पार्थ चंद्राकर ने एशियन ओपनबिल स्टॉर्क की जीवनशैली, भोजन, प्रजनन और पर्यावरणीय महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पक्षी खेतों में पाए जाने वाले घोंघों को खाकर उनकी संख्या नियंत्रित करने में मदद करता है। इससे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलने के साथ जैव संतुलन बनाए रखने में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

वन्यजीव संरक्षण कानून की दी जानकारी
करतला रेंज ऑफिसर अक्ष पलक ऋषि ने भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 तथा वन्यजीवों की सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी ग्रामीणों को दी। उन्होंने वन्यजीव संरक्षण के लिए वन विभाग की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

कृत्रिम घोंसले बांटकर संरक्षण से जोड़ा
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को लकड़ी से निर्मित कृत्रिम घोंसलों का वितरण किया गया। ग्रामीणों से इन्हें घरों और आसपास के सुरक्षित स्थानों पर स्थापित करने तथा पक्षियों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की गई।
वहीं, कनकी की पक्षी मित्र युवा समिति के सदस्यों को वन विभाग की ओर से पक्षी मित्र टी-शर्ट प्रदान कर सम्मानित किया गया। समिति लंबे समय से एशियन ओपनबिल स्टॉर्क संरक्षण एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही है।

कार्यक्रम में सरपंच प्रतिनिधि गोरेलाल मांझी, जनपद सदस्य सुषमा राजवाड़े,वरिष्ठ जन नर्मदा राजवाड़े, रामधन राजवाड़े, मोहम्मद इकबाल मेमन,दिनेश राजवाड़े, युवा समिति अध्यक्ष रामेश्वर दास महंत,सचिव बसंत राजवाड़े सहित वन विभाग के डिप्टी रेंजर केशव सिदार,वनरक्षक कपिल कंवर, चंद्रशेखर कंवर,परमेश्वर बंजारे, दीपक कुजूर, प्रतीक तिवारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों और युवाओं को यह संदेश दिया गया कि प्रकृति और वन्यजीवों का संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।