प्रधानमंत्री के 100 दिन की प्राथमिकता में 1340 मेगावाट संयंत्र

कोरबा : विद्युत उत्पादन कंपनी के प्रबंध निदेशक एसके कटियार ने कहा कि प्रधानमंत्री के 100 दिन की प्राथमिकता में कोरबा पश्चिम के लिए 660 मेगावाट क्षमता की दो यूनिट की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है और सितंबर- 2024 को कार्यादेश जारी किया जाएगा। वहीं कंपनी में 700 तकनीकी कर्मियों की भर्ती की जाएगी।


भारतीय मजदूर संघ से संबंद्ध बिजली उत्पादन कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि मंडल ने कोरबा प्रवास पर आए उत्पादन कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) कटियार से मुलाकात कर कर्मियों की समस्या से अवगत कराया। वीआइपी गेस्ट हाउस में हुई चर्चा के दौरान एमडी कटियार ने श्रमिक समस्याओं का निराकरण के लिए अपनी सहमति एवं जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की कमी को देखते हुए 15 अगस्त 2024 के पहले तकनीकी, पैरामेडिकल, 28 डाक्टर, फायर, सुरक्षा अधिकारियों की भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आवासों का लीकेज- सीपेज ठीक करने के लिए तीन करोड़ का फंड एलाट किया गया है। नए पावर प्लांटों को देखते हुए पुराने और जर्जर आवासों को तोड़कर उनके स्थान पर नए आवासों का निर्माण किया जाएगा। मड़वा और कोरबा पूर्व में एक- एक यूनिट का संयंत्र लगाने के लिए सर्वे कार्य पूर्ण कर लिया गया है।


एमडी कटियार ने कहा कि कर्मचारियों के लिए 70, 80 व 90 प्रतिशत वेतन भुगतान बंद कर 100 प्रतिशत वेतन भुगतान का आदेश जारी किया गया था, उसके लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किया जाएगा। पदोन्नति से वंचित संयंत्र परिचारक श्रेणी-दो कर्मचारियों का पदोन्नति आदेश जारी करने पर सहमति दी गई।

इसी तरह कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन भत्ता (इन्सेंटिव) के लिए 2016 से पूर्व की भांति बहाल करने के लिए उच्च स्तर पर होने वाले बैठक में प्रयास करेंगे। बैठक में कार्यपालक निदेशक संजय शर्मा, बीएमएस के राष्ट्रीय मंत्री व उद्योग प्रभारी आरएस जायसवाल की अगुवाई में कोरबा पूर्व के सचिव संदीप कुमार राठौर, वरिष्ठ सदस्य पूर्णिमा साहू, संगठन सचिव जीपी राजवाड़े तथा कोरबा पश्चिम संगठन के अध्यक्ष केदारनाथ राठौर, कार्यकारी अध्यक्ष केएन पटेल, संगठन सचिव श्रवण कुमार बंजारा, सचिव हेतराम खुंटे, सह सचिव संजय राठौर, कांशीराम चंद्रा, जीवन प्रकाश चंद्रा, सिद्धार्थ पाड़े, अमर सिंह राठौर, हरीश राठौर, विश्वास पटेल, खगेश साहू, रामगोपाल साहू, कांशीप्रसाद साहू उपस्थिति रहे।