हाथी दिखे तो दूरी रखें, जंगल जाने से बचें: वन विभाग

चोटिया हाथी नियंत्रण केंद्र में जनसंवाद, ग्रामीणों को वन्यजीव संरक्षण और सुरक्षा के उपाय बताए

कोरबा।वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के अवसर पर वन मंडल कटघोरा के केंदई रेंज अंतर्गत कोरबी-चोटिया सर्किल में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। शुक्रवार, 2 अक्टूबर को चोटिया स्थित हाथी नियंत्रण केंद्र में आयोजित जनसंवाद में वन विभाग के अधिकारियों ने स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और ग्राम वन प्रबंधन समितियों के सदस्यों से वन्यजीव संरक्षण एवं मानव-वन्यजीव संघर्ष से बचाव को लेकर चर्चा की।

कार्यक्रम में वन्यजीवों की सुरक्षा, जंगलों के संरक्षण और हाथियों की आवाजाही के दौरान ग्रामीणों द्वारा बरती जाने वाली सावधानियों पर विस्तार से जानकारी दी गई। वन परिक्षेत्र अधिकारी अभिषेक दुबे और वन अमले ने ग्रामीणों को हाथियों से दूरी बनाए रखने तथा किसी भी स्थिति में उन्हें परेशान या उकसाने से बचने की समझाइश दी।

हाथियों की सूचना मिले तो जंगल की ओर न जाएं
वन विभाग ने ग्रामीणों से कहा कि हाथियों की चिंघाड़ सुनाई देने या उनकी मौजूदगी की सूचना मिलने पर जंगल की ओर जाने से बचें। ऐसी स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहना ही सबसे महत्वपूर्ण है।

ग्रामीणों को हाथियों के साथ छेड़छाड़ नहीं करने, उनके नजदीक जाने से बचने और रात के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई। साथ ही मशाल और टॉर्च अथवा अन्य प्रकाश स्रोतों का इस्तेमाल भी सुरक्षित तरीके से करने के लिए कहा गया।

वन और वन्यजीवों की सुरक्षा में ग्रामीणों की भूमिका अहम
जनसंवाद के दौरान अधिकारियों ने कहा कि जंगल और वन्यजीवों का संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों की सहभागिता भी इसमें महत्वपूर्ण है। हाथियों की आवाजाही के दौरान समय पर सूचना मिलने और ग्रामीणों द्वारा सतर्कता बरतने से अप्रिय घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।

कार्यक्रम में राय सिंह बिंझवार, परिक्षेत्र सहायक सुनील डिक्सेना, प्रीतम पुराइन सहित वन विभाग के कर्मचारी, ग्रामीण और ग्राम वन प्रबंधन समिति के सदस्य उपस्थित रहे।