मतदाता साक्षरता को लेकर पाली-तानाखार क्षेत्र में अभियान, बीएलओ को दिया प्रशिक्षण

मतदान केंद्रों पर ईएलसी क्लब गठित कर संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनावी प्रक्रिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश

कोरबा। भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार जिले में मतदाता जागरूकता और चुनावी साक्षरता बढ़ाने के लिए मतदान केंद्र स्तर पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में इसी कड़ी में 23 पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) का 30 सितंबर को प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण में विधानसभा क्षेत्र के बीएलओ शामिल हुए।

प्रशिक्षण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मनोज कुमार बंजारे एवं नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह ने दिया। इस दौरान बीएलओ को मतदान केंद्र स्तर पर मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ने और जागरूकता गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने की जानकारी दी गई।

एसडीएम मनोज कुमार बंजारे ने सभी बीएलओ को अपने-अपने मतदान केंद्रों पर ईएलसी (इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब) गठित करने तथा उसके नोडल अधिकारी के रूप में भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि चुनावी साक्षरता गतिविधियों के माध्यम से मतदाताओं को भारतीय संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों, मतदान के महत्व और चुनावी प्रक्रिया के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई जाए। साथ ही अधिक से अधिक मतदाताओं को जागरूकता गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में तहसीलदार भूषण मंडावी, नायब तहसीलदार श्रीमती राशिका अग्रवाल, विकासखंड शिक्षा अधिकारी पाली कुमदेश गोभिल, विकासखंड शिक्षा अधिकारी पोड़ी-उपरोड़ा राजेश्वर दयाल, विधानसभा ईएलसी प्रभारी डॉ. टीआर कश्यप, पाली कॉलेज स्वीप नोडल अधिकारी रीता पटेल सहित मास्टर ट्रेनर्स फरेम कुमार डहरिया, रामचरण साहू, कामता प्रसाद जायसवाल, दिनेश कुमार यादव, महावीर प्रसाद चंद्रा और भूपेंद्र सिंह कंवर सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने बीएलओ से कहा कि मतदान केंद्र स्तर पर नियमित जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से मतदाताओं तक निर्वाचन संबंधी आवश्यक जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी जागरूक एवं सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।