शहर से संग्रहित खिलौने पहुंचेंगे दूरस्थ आंगनबाड़ी केंद्रों तक

खिलौना दान रथ को मिल रहा नागरिकों का सहयोग, पहाड़ी कोरवा और दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों को मिलेगा खेल-खेल में सीखने का अवसर

कोरबा।शहर में लोगों के घरों से एकत्र किए जा रहे खिलौने अब जिले के दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाएंगे। प्रशासन द्वारा शुरू किया गया खिलौना दान रथ लगातार शहर के विभिन्न वार्डों में पहुंचकर खिलौने एकत्र कर रहा है। संग्रहित खिलौनों को जिले के पहाड़ी कोरवा बसाहटों और दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंचाकर बच्चों को उपलब्ध कराया जाएगा।

23 सितंबर को रवाना किया गया खिलौना दान रथ नगर निगम क्षेत्र के अलग-अलग वार्डों में पहुंच रहा है। अभियान शुरू होने के बाद नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और दानदाताओं ने उत्साह के साथ खिलौने दान किए हैं।

कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने भी खिलौना दान कर अभियान में सहभागिता की। अब तक बड़ी संख्या में खिलौने एकत्र किए जा चुके हैं।

खेल के साथ सीखने का मिलेगा अवसर
अभियान का उद्देश्य जिले के 2,602 आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों को खेल-खेल में सीखने, कल्पनाशक्ति विकसित करने और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। संग्रहित खिलौनों को जरूरत के अनुसार विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। इनमें पहाड़ी कोरवा बसाहटों और दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों के केंद्रों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

पुराने खिलौने बनेंगे किसी बच्चे की नई खुशी
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिलेवासियों से खिलौना दान अभियान में सहभागी बनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बच्चों के बड़े हो जाने के बाद घर में रखे खिलौने किसी दूसरे बच्चे के लिए खेल, खुशी और सीखने का माध्यम बन सकते हैं। इस सोच के साथ नागरिक अपने घर में उपयोग में नहीं आ रहे खिलौने दान कर अभियान को सहयोग दे सकते हैं।

महिला एवं बाल विकास अधिकारी बसन्त मिंज ने बताया कि खिलौना दान अभियान आगामी कुछ दिनों तक जारी रहेगा। खिलौना दान करने अथवा संग्रह रथ को अपने घर बुलाने के लिए मोबाइल नंबर 9340509567 पर संपर्क किया जा सकता है।