बिलासपुर में घंटों खड़ी ट्रेनें, फिर कोरबा से संचालन में परेशानी क्यों?

यात्रियों की सुविधा को लेकर उठे सवाल, राउरकेला और बीकानेर तक सीधी ट्रेन की मांग भी लंबित

कोरबा। कोरबा से बेहतर रेल कनेक्टिविटी की मांग लंबे समय से उठती रही है, लेकिन यात्रियों की सुविधा से जुड़े कई प्रस्ताव अब भी लंबित हैं। स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि बिलासपुर यार्ड में घंटों खड़ी रहने वाली ट्रेनों का संचालन कोरबा तक बढ़ाने में आखिर परेशानी क्या है।

इससे कोरबा और जांजगीर-चांपा क्षेत्र के हजारों यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा मिल सकती है।

रेल यात्रियों और स्थानीय संगठनों का कहना है कि संभागीय स्तर की बैठकों में कोरबा की रेल सुविधाओं को लेकर चर्चा तो होती है, लेकिन अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं।

उनका कहना है कि मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों से बिलासपुर आने वाली कुछ ट्रेनों को कोरबा तक विस्तार देने की मांग लगातार उठाई जा रही है।

कोयला परिवहन को लेकर रेलवे पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि कोरबा क्षेत्र से कोयला परिवहन को लेकर रेलवे की गतिविधियां लगातार जारी रहती हैं। एसईसीएल की खदानों से कोयला रैक के परिवहन के कारण कई बार रेल फाटकों के बंद रहने से आम लोगों को परेशानी होती है। ऐसे में यात्रियों की सुविधाओं से जुड़े प्रस्तावों पर भी रेलवे को प्राथमिकता देने की मांग उठ रही है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि कोरबा से बड़ी मात्रा में कोयला लदान होने के कारण रेलवे के लिए यह क्षेत्र महत्वपूर्ण है।

उनका तर्क है कि यदि कोरबा से यात्री ट्रेनों का संचालन बढ़ाया जाता है तो इससे क्षेत्र के लोगों को रोजगार, शिक्षा, व्यापार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आवागमन में सुविधा मिलेगी।

इंदौर, भोपाल और रीवा की ट्रेनों के विस्तार की मांग
स्थानीय स्तर पर इंदौर-बिलासपुर, भोपाल-बिलासपुर और रीवा-बिलासपुर जैसी ट्रेनों को कोरबा तक चलाने की मांग लंबे समय से की जाती रही है। रेल यात्रियों का कहना है कि यदि इन ट्रेनों का संचालन कोरबा से किया जाता है तो कोरबा सहित जांजगीर-चांपा क्षेत्र के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही मध्यप्रदेश से आने वाले यात्रियों के लिए भी कोरबा तक सीधी रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध हो सकेगी।

इसी तरह कोरबा से अमृतसर के लिए सीधी ट्रेन की सुविधा को लेकर भी स्थानीय स्तर पर असंतोष है। यात्रियों का कहना है कि वापसी में ट्रेन का बिलासपुर में समाप्त होना पूर्ण रूप से सीधी कनेक्टिविटी की मांग को पूरा नहीं करता।

राउरकेला और बीकानेर की मांग भी लंबित
रेल संघर्ष समिति द्वारा कोरबा से राउरकेला और बीकानेर तक ट्रेन संचालन की मांग भी लंबे समय से की जा रही है। संबंधित क्षेत्रों के सांसदों की ओर से भी इस संबंध में रेल मंडल, जोन और मंत्रालय स्तर पर पत्राचार किए जाने की बात कही गई है।

स्थानीय संगठनों का कहना है कि इन मार्गों पर ट्रेन शुरू होने से बड़े क्षेत्र के यात्रियों को लाभ मिल सकता है। उनका आरोप है कि प्रस्तावों को आगे बढ़ाने में रेल प्रशासन के स्तर पर अपेक्षित पहल नहीं हो रही है।

क्षेत्रवासियों ने रेल मंत्रालय, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे और जनप्रतिनिधियों से कोरबा की यात्री सुविधाओं से जुड़े प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार कर ठोस निर्णय लेने की मांग की है।