भिलाई बाजार के प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग तेज, सर्वमंगला नगर को बसाहट के लिए प्राथमिकता देने की उठी आवाज

सर्वसुविधायुक्त पुनर्वास की मांग, DRRC की बैठक में प्रस्ताव रखने की तैयारी; सड़क, पानी, बिजली, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर

कोरबा। एसईसीएल गेवरा क्षेत्र से प्रभावित ग्राम भिलाई बाजार के परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा एक बार फिर जोर पकड़ने लगा है। प्रभावित परिवारों की पुनर्वास बसाहट के लिए सर्वमंगला नगर को सर्वसुविधायुक्त पुनर्वास स्थल के रूप में विकसित करने की मांग उठाई जा रही है। इसे लेकर जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों की ओर से विभिन्न स्तरों पर पत्राचार भी किया जा चुका है।

बताया गया कि 11 अक्टूबर 2025 को आयोजित ग्राम सभा में सर्वमंगला नगर में प्रभावित परिवारों की बसाहट से संबंधित प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके बाद उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने 6 दिसंबर 2025 को संभागीय आयुक्त, बिलासपुर को पत्र भेजकर ग्राम सभा के प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए सर्वमंगला नगर में बसाहट के लिए आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया था।

मुख्यमंत्री और विधायक स्तर पर भी हो चुका है पत्राचार
प्रभावित परिवारों की पुनर्वास बसाहट को लेकर रायपुर में मुख्यमंत्री को भी पत्र सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। इस मामले में संबंधित स्तर पर पत्राचार होने की बात कही गई है। वहीं क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद पटेल की ओर से भी पुनर्वास स्थल को लेकर पत्राचार किया गया है।

लगातार हो रहे पत्राचार के बीच अब प्रभावित परिवारों और क्षेत्रवासियों की नजर DRRC की बैठक पर टिकी है, जहां पुनर्वास स्थल के चयन को लेकर मांग मजबूती से रखे जाने की बात कही जा रही है।

सिर्फ जमीन नहीं, पूरी सुविधाओं के साथ हो पुनर्वास
समाजसेवक प्रदीप जायसवाल ने कहा कि प्रभावित परिवारों का पुनर्वास केवल जमीन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने सर्वमंगला नगर में सड़क, पेयजल, बिजली, स्कूल, स्वास्थ्य सुविधा और सुगम आवागमन जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ व्यवस्थित बसाहट विकसित करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि पुनर्वास स्थल का चयन करते समय भविष्य की आवश्यकताओं और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता को भी ध्यान में रखा जाना जरूरी है।

जल उपलब्धता को लेकर भी उठे सवाल
प्रदीप जायसवाल के अनुसार, बिरदा क्षेत्र में करीब 500 फीट तक जल उपलब्धता की जांच के बावजूद पानी नहीं मिलने की बात सामने आई है। ऐसे में भविष्य में पेयजल संकट की आशंका को देखते हुए प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए ऐसे स्थान का चयन जरूरी है, जहां मूलभूत सुविधाओं के साथ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

अब प्रभावित परिवारों और क्षेत्रवासियों की मांग है कि DRRC की बैठक में सर्वमंगला नगर को प्राथमिकता के आधार पर पुनर्वास बसाहट के लिए विचार किया जाए और वहां प्रभावित परिवारों के लिए एक सुरक्षित, व्यवस्थित एवं सर्वसुविधायुक्त आवासीय क्षेत्र विकसित करने की दिशा में ठोस निर्णय लिया जाए।