कोलिहामुड़ा में किसानों को प्राकृतिक खेती के फायदे बताए

बीज प्रमाणन अधिकारी ने किया क्लस्टर का निरीक्षण, रासायनिक खाद-कीटनाशकों का उपयोग घटाने पर जोर

कोरबा। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत क्लस्टर ग्राम कोलिहामुड़ा में कृषक जागरूकता एवं निरीक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। बीज प्रमाणन अधिकारी गणेश मिश्रा ने क्लस्टर का निरीक्षण कर किसानों से प्राकृतिक खेती की पद्धति और इसके लाभों पर चर्चा की।

अधिकारियों ने किसानों को रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों पर निर्भरता कम कर स्थानीय स्तर पर तैयार प्राकृतिक आदानों के उपयोग के लिए प्रेरित किया। साथ ही बीज प्रमाणीकरण की प्रक्रिया और प्राकृतिक खेती में गुणवत्तापूर्ण बीज के महत्व की जानकारी दी गई।

बीजामृत से अग्निअस्त्र तक की जानकारी
कृषि विभाग के उपसंचालक देवेंद्र पाल सिंह कंवर ने बताया कि किसानों को बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र और अग्निअस्त्र जैसे प्राकृतिक आदानों के उपयोग की जानकारी दी जा रही है। इनके उचित उपयोग से खेती की लागत कम करने के साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिल सकती है।

अधिकारियों ने किसानों से प्राकृतिक खेती मिशन के तहत उपलब्ध कराई जा रही आदान सामग्री का उपयोग करने और आसपास के अन्य किसानों को भी प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में एडीओ टमपाल सिंह,आरएईओ मीनाक्षी ठाकुर, बीआरसी समूह के सदस्य और क्लस्टर के किसान उपस्थित रहे।