मवेशी नहीं हटे तो टोल क्यों? हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद भी NH-149B पर वही हाल

कोरबा। राष्ट्रीय राजमार्गों पर मवेशियों के जमावड़े और उनसे होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की चिंता के बावजूद NH-149B के उरगा-चांपा मार्ग पर स्थिति में अपेक्षित बदलाव नजर नहीं आ रहा है। पताढ़ी-पहंदा से लेकर सरगबुंदिया, मड़वारानी, कोथारी, पचपेड़ी और जमनीपाली टोल नाका तक कई जगह मवेशियों के झुंड सड़क पर विचरण करते दिखाई दे रहे हैं। इससे वाहन चालकों के सामने दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।

हाईकोर्ट में सड़कों पर मवेशियों के जमावड़े और उससे होने वाले हादसों को लेकर सुनवाई के दौरान यह सवाल उठा था कि यदि राष्ट्रीय राजमार्गों से मवेशियों को हटाने की व्यवस्था नहीं हो सकती, तो टोल टैक्स वसूलने के अधिकार पर भी सवाल उठता है। अदालत ने इस मामले में राज्य के मुख्य सचिव से शपथपत्र के साथ रोड मैप भी मांगा था।

फरमान के बाद भी नहीं बदली तस्वीर
करीब एक साल बाद भी उरगा-चांपा मार्ग पर मवेशियों की मौजूदगी वाहन चालकों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। सरगबुंदिया के पास सड़क पर दर्जनों गाय-बैल के झुंड दिखाई देने से फोरलेन पर गुजर रहे वाहन चालकों को सावधानीपूर्वक वाहन निकालना पड़ा। यही स्थिति पताढ़ी से उरगा के बीच भी कई स्थानों पर देखने को मिल रही है।

दिन के समय वाहन चालक किसी तरह मवेशियों को बचाकर निकल जाते हैं, लेकिन शाम और रात में खतरा कई गुना बढ़ जाता है। तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक मवेशियों के आ जाने पर चालक को वाहन नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। ऐसे में मामूली चूक भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।

पेट्रोलिंग के दावों पर भी सवाल
NH-149B पर टोल वसूली के साथ हाईवे की सुरक्षा और नियमित पेट्रोलिंग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि सड़क पर लगातार मवेशियों के झुंड नजर आ रहे हैं तो पेट्रोलिंग व्यवस्था की प्रभावशीलता की समीक्षा जरूरी है। मवेशियों को सड़क से हटाकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए स्थानीय निकायों और संबंधित विभागों के साथ समन्वय की जरूरत है।

जनता पूछ रही मवेशी मुक्त हाईवे कब?
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में इस स्थिति को लेकर नाराजगी है। उनका सवाल है कि टोल टैक्स वसूले जाने वाले मार्ग को मवेशियों के जमावड़े से सुरक्षित रखने के लिए प्रभावी व्यवस्था कब की जाएगी। यदि हाईवे पर नियमित निगरानी और मवेशियों को हटाने की व्यवस्था नहीं हो पा रही है तो टोल वसूली के साथ उपलब्ध कराई जा रही सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

लोगों ने संबंधित जिम्मेदार एजेंसियों से उरगा-चांपा मार्ग पर नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाने, मवेशियों को तत्काल सड़क से हटाने और विशेष रूप से रात के समय निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले स्थिति नियंत्रित की जा सके।