24 घंटे में ढह गई 10 लाख की छत, मुड़ापार में निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल

दशहरा मैदान में निर्माणाधीन मंच की छत भरभराकर गिरी, निगम आयुक्त ने सोमवार तक मांगी जांच रिपोर्ट

कोरबा। नगर पालिक निगम के वार्ड क्रमांक 29 मुड़ापार स्थित दशहरा मैदान में निर्माणाधीन मंच की छत ढलाई के महज 24 घंटे बाद भरभराकर गिर गई। करीब 10 लाख रुपये की लागत से बनाए जा रहे मंच की छत गिरने की घटना से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

संयोग से घटना के समय आसपास मौजूद लोग बाल-बाल बच गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम ने जांच के आदेश दिए हैं और सोमवार दोपहर तक रिपोर्ट मांगी है।

जानकारी के अनुसार जिला खनिज न्यास (DMF) मद से मंच निर्माण के लिए प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद काम शुरू कराया गया था। प्राथमिक निर्माण कार्य पूरा होने के बाद शनिवार को मंच की छत की ढलाई की गई। इसके लिए सेटरिंग प्लेट लगाने के साथ जरूरी नाप-जोख और अन्य तैयारियां की गईं। बताया गया था कि सेटरिंग करीब एक पखवाड़े बाद हटाई जानी थी, लेकिन ढलाई के करीब 24 घंटे बाद ही रविवार को छत अचानक भरभराकर नीचे आ गिरी।

घटना कुछ ही मिनटों में हुई। छत के साथ ऊपरी हिस्से में लगाई गई जाली भी मलबे में तब्दील हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना के समय कुछ लोग आसपास मौजूद थे, लेकिन संयोग से कोई इसकी चपेट में नहीं आया।

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जुट गए। स्थानीय पार्षद रामगोपाल कुर्रे सहित अन्य लोगों ने मौके का जायजा लिया। पार्षद ने निर्माण में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मामले में संबंधित इंजीनियर से चर्चा की गई थी।

कांग्रेस नेता मुकेश राठौर और पार्षद रवि चंदेल ने मामले को सरकारी धन की बर्बादी बताते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच और जिम्मेदार इंजीनियर तथा ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

निगम ने मांगी जांच रिपोर्ट
नगर पालिक निगम कोरबा के आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने बताया कि मुड़ापार में निर्माणाधीन मंच की छत गिरने की घटना उनके संज्ञान में आई है। उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तथ्यों की पड़ताल कर सोमवार दोपहर तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि छत गिरने के पीछे निर्माण सामग्री, डिजाइन, सेटरिंग, तकनीकी प्रक्रिया या किसी अन्य स्तर पर लापरवाही जिम्मेदार थी।