रेल कॉरिडोर निर्माण से खेतों में जलभराव,किसानों ने मांगी क्षतिपूर्ति

ग्रामीणों का आरोप पानी निकासी बाधित होने से फसलों को नुकसान, मुआवजा और हाथियों के सुरक्षित रास्ते की मांग

कोरबा। गेवरारोड-पेंड्रारोड रेल कॉरिडोर निर्माण को लेकर पोड़ी-उपरोड़ा क्षेत्र के आमाटिकरा और आसपास के गांवों के किसानों ने परेशानी का आरोप लगाया है।

ग्रामीणों के अनुसार रेल लाइन निर्माण के दौरान खेतों से पानी निकासी का प्राकृतिक रास्ता बाधित हो गया है। बारिश का पानी खेतों में जमा होने से फसलों को नुकसान हो रहा है और खेती की लागत भी बढ़ रही है।

किसानों का कहना है कि जल निकासी और मुआवजे से जुड़ी समस्याओं का अब तक अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है। इन मुद्दों को लेकर रेलवे कर्मचारियों और ग्रामीणों के बीच आए दिन विवाद की स्थिति बनने का भी ग्रामीणों ने दावा किया है। किसानों ने निर्माण कार्य में लगी ठेका कंपनी पर समस्याओं के समाधान को लेकर उदासीनता बरतने का आरोप लगाया है।

ग्रामीणों ने क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही को देखते हुए रेल लाइन निर्माण से उनके पारंपरिक आवागमन मार्ग प्रभावित होने पर मानव-हाथी संघर्ष की आशंका भी जताई है।

उन्होंने रेलवे और जिला प्रशासन से खेतों की जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने, प्रभावित फसलों का आकलन कर क्षतिपूर्ति देने तथा हाथियों के सुरक्षित आवागमन के लिए आवश्यक मार्ग और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है।