बरसात थमते ही शुरू होगा सड़कों का कायाकल्प, डामरीकरण की निविदा प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश

निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने ली समीक्षा बैठक, जलभराव वाले क्षेत्रों में स्ट्रॉम वाटर ड्रेन के प्रस्ताव तैयार करने कहा

कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्र की खराब एवं क्षतिग्रस्त बीटी सड़कों के सुधार को लेकर निगम प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बरसात खत्म होते ही सड़कों के डामरीकरण, सुदृढ़ीकरण और नवीनीकरण का काम शुरू करने के लिए संबंधित कार्यों की निविदा प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही शहर के जलभराव वाले क्षेत्रों में स्थायी समाधान के लिए स्ट्रॉम वाटर ड्रेन के निर्माण के प्रस्ताव तैयार करने कहा गया है।

निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने सोमवार को नगर पालिक निगम कोरबा के मुख्य प्रशासनिक भवन साकेत स्थित सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक लेकर निगम के विभिन्न कार्यों और योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर योजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए।

डामरीकरण की निविदा प्रक्रिया में लाएं तेजी
बैठक में निगम क्षेत्र की बीटी सड़कों, मुख्य मार्गों एवं संपर्क सड़कों के डामरीकरण और सुदृढ़ीकरण की कार्यवाही की समीक्षा की गई। आयुक्त ने कहा कि बरसात समाप्त होते ही सड़क सुधार एवं नवीनीकरण का काम शुरू किया जा सके, इसके लिए अभी से निविदा संबंधी सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएं।

उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए स्ट्रॉम वाटर ड्रेन निर्माण के प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए।

1 अक्टूबर तक पूरे हों निर्माण कार्य
आयुक्त ने जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से निगम क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में कराए जा रहे किचन शेड, शौचालय सहित अन्य निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित निर्माण कार्यों को 1 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा नहीं करने और लापरवाही बरतने वाली संबंधित निर्माण एजेंसी के विरुद्ध ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई की जाए।

सीवरेज, जलप्रदाय से लेकर राजस्व वसूली तक की समीक्षा
बैठक में निर्माण कार्यों की प्रगति, स्कूल एवं आंगनबाड़ी भवनों में अतिरिक्त कक्ष व शौचालय निर्माण, सीवरेज सिस्टम, जीआईएस सर्वे, विभिन्न विकास कार्यों के प्राक्कलन, आवारा पशुओं पर नियंत्रण, जलप्रदाय, सड़क रोशनी, साफ-सफाई और राजस्व वसूली सहित निगम के विभिन्न कार्यों की समीक्षा की गई।

इसके अलावा कलेक्टर टीएल, निगम टीएल, जनचौपाल, मुख्यमंत्री जनदर्शन, पीएमओ पोर्टल सहित विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों एवं प्रकरणों की स्थिति की भी जानकारी ली गई। प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि नागरिकों से जुड़ी समस्याओं के निराकरण में किसी प्रकार की लापरवाही न हो तथा सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए गुणवत्ता और समय-सीमा दोनों का विशेष ध्यान रखा जाए।