समय पर नहीं खुले स्वास्थ्य केंद्र तो होगी कड़ी कार्रवाई : कलेक्टर

0 चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश

0 ‘हमर स्वस्थ छत्तीसगढ़’ के तहत सितंबर तक शत-प्रतिशत स्वास्थ्य जांच का लक्ष्य

कोरबा। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में समय पर चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उप स्वास्थ्य केंद्र और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर निर्धारित समय पर नहीं खुलने तथा मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं कराने की शिकायत मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने शासन की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।

सितंबर तक शत-प्रतिशत स्वास्थ्य जांच
कलेक्टर ने ‘हमर स्वस्थ छत्तीसगढ़’ योजना के तहत चल रहे स्वास्थ्य परीक्षण अभियान की समीक्षा करते हुए सितंबर माह तक शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने टीबी, कुष्ठ, मलेरिया और सिकल सेल जैसी बीमारियों के साथ विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों की नियमित स्वास्थ्य जांच पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने बीएमओ और बीसीएम को घर-घर जाकर रैंडम स्वास्थ्य जांच करने, बीमारी के संभावित मामलों की पहचान करने और जरूरत के अनुसार उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

टीकाकरण में लापरवाही पर नाराजगी
बैठक में मीजल्स-रूबेला टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा के दौरान अपेक्षित उपलब्धि नहीं होने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों के नियमित टीकाकरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी पात्र बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए मैदानी स्तर पर प्रभावी निगरानी के निर्देश दिए गए।

डॉक्टर समय पर पहुंचें, मरीजों को मिले उपचार
कलेक्टर ने सभी अस्पतालों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने कहा।

उन्होंने चिकित्सकों को निर्धारित समय पर अस्पताल पहुंचकर मरीजों का उपचार करने के निर्देश दिए। साथ ही उप स्वास्थ्य केंद्रों एवं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को निर्धारित समय पर खोलने और वहां आने वाले मरीजों को नियमित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

उन्होंने बीएमओ एवं बीपीएम को स्वास्थ्य योजनाओं और विभागीय कार्यक्रमों की पूरी जानकारी रखने तथा उनकी नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। निजी क्लीनिक एवं संस्थानों द्वारा शासन की योजनाओं से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराने अथवा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा।

आयुष्मान कार्ड बनाने अभियान चलाने के निर्देश
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिला स्तर पर लंबित विभिन्न पदों की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने आयुष्मान कार्ड की प्रगति की समीक्षा करते हुए पात्र और अब तक छूटे हितग्राहियों के कार्ड बनाने के लिए अभियान चलाने को कहा।

उन्होंने प्रत्येक माह 1 से 5 तारीख के बीच खाद्य विभाग से 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों की सूची प्राप्त कर मितानिनों के सहयोग से उनके आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने जन्म-मृत्यु से संबंधित आंकड़ों का नियमित संधारण करने तथा मृत्यु हो चुके हितग्राहियों के नाम संबंधित योजनाओं के अभिलेखों से नियमानुसार हटाने को कहा, ताकि सरकारी योजनाओं का डाटा अद्यतन रहे।

टीबी जांच और उपचार पर विशेष जोर
टीबी कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने वल्नरेबल आबादी की स्क्रीनिंग पर विशेष ध्यान देने कहा। एक्स-रे जांच के माध्यम से संभावित एवं संदिग्ध मरीजों की पहचान कर उनका समय पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को टीबी जांच एवं उपचार कार्यक्रम की नियमित मॉनिटरिंग करने कहा गया।

कलेक्टर ने आभा आईडी, पीवीसी कार्ड वितरण, लेप्रोसी, गैर-संचारी रोग, जननी पोर्टल, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं, मातृ मृत्यु, यू-विन, डिलीवरी रिपोर्टिंग, पोषण पुनर्वास केंद्र तथा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की भी समीक्षा की। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों और आवासीय छात्रावासों में बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित जांच सुनिश्चित करने को कहा।

मौसमी बीमारियों को लेकर सतर्क रहने के निर्देश
बैठक में सिकल सेल, राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण,डेंगू,स्वाइन फ्लू, मीजल्स-रूबेला और डिप्थीरिया सहित आयुष विभाग के कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने मोतियाबिंद के मरीजों की समय पर पहचान कर आवश्यक उपचार एवं ऑपरेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने मौसम के अनुरूप मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य अमले को सतर्क रहने तथा आवश्यक जांच एवं उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा। स्वाइन फ्लू को लेकर विशेष सतर्कता बरतने और संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान कर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।