विश्वकर्मा पूजा के नाम पर वेतन से जबरिया कटौती पर रोक,श्रम विभाग ने दिए जांच के निर्देश

बिना सहमति 500 रुपये कटौती पर उठे सवाल, अब स्वेच्छा से ही सहयोग करेंगे कर्मी; अनधिकृत कटौती हुई तो राशि लौटानी होगी

कोरबा। विश्वकर्मा पूजा के आयोजन के नाम पर कोयला श्रमिकों के वेतन से कथित तौर पर की जा रही अनधिकृत कटौती के मामले में श्रम विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। कोयला मजदूर पंचायत की शिकायत के बाद क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय), बिलासपुर कार्यालय ने एसईसीएल दीपका क्षेत्र के महाप्रबंधक को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। श्रम विभाग के हस्तक्षेप के बाद अब श्रमिकों से उनकी सहमति के बिना किसी प्रकार की कटौती नहीं की जा सकेगी।

लेबर एनफोर्समेंट ऑफिसर एसके चौहान द्वारा जारी पत्र में दीपका क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के वेतन से अनधिकृत/अवैध कटौती किए जाने संबंधी शिकायत का उल्लेख किया गया है। पत्र में पारिश्रमिक संहिता, 2019 की धारा 18 का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारी के वेतन से केवल कानून के तहत अधिकृत कटौतियां ही की जा सकती हैं। इसके अलावा होने वाली कटौती को अनधिकृत माना जाएगा।

अनधिकृत कटौती हुई तो लौटानी होगी राशि
श्रम विभाग ने एसईसीएल प्रबंधन को शिकायत की जांच एवं सत्यापन करने के साथ यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि श्रमिकों के वेतन से किसी भी प्रकार की अनधिकृत कटौती न हो। यदि ऐसी कटौती की गई है तो संबंधित श्रमिकों को राशि वापस करने के निर्देश दिए गए हैं।

साथ ही की गई कार्रवाई की अनुपालन रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर क्षेत्रीय श्रम आयुक्त कार्यालय को प्रस्तुत करने कहा गया है। निर्देशों का पालन नहीं किए जाने की स्थिति में पारिश्रमिक संहिता, 2019 की धारा 54 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

500 रुपये की कटौती को लेकर उठी थी आपत्ति
मामले की शुरुआत कोयला मजदूर पंचायत के अध्यक्ष गजेंद्र पाल सिंह द्वारा एसईसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक को भेजे गए पत्र से हुई। उन्होंने विश्वकर्मा पूजा जैसे सार्वजनिक आयोजन के नाम पर प्रत्येक कर्मी के वेतन से 500 रुपये की कटौती किए जाने पर सवाल उठाते हुए आपत्ति दर्ज कराई थी।

शिकायत में कहा गया था कि यदि किसी कर्मचारी ने आयोजन के लिए अपनी सहमति नहीं दी है, तो उसके वेतन से राशि काटना उचित नहीं है। संगठन ने कथित मनमानी पर रोक लगाने की मांग की थी। मामला उच्च स्तर तक पहुंचने के बाद प्रबंधन ने भी इस संबंध में 30 अगस्त तक आपत्तियां आमंत्रित की थीं।

अब स्वेच्छा से लिया जा सकेगा सहयोग
इसी बीच श्रम विभाग के निर्देश के बाद विश्वकर्मा पूजा के लिए चंदा एकत्र करने की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होती नजर आ रही है। 17 सितंबर को होने वाले विश्वकर्मा पूजा आयोजन के लिए कामगारों से व्यक्तिगत संपर्क कर उनकी स्वेच्छा से सहयोग राशि ली जा सकेगी। यानी कर्मचारी अपनी इच्छा के अनुसार आयोजन में आर्थिक सहयोग कर सकेंगे, लेकिन वेतन से जबरिया कटौती का रास्ता बंद रहेगा।

श्रम विभाग की कार्रवाई के बाद दीपका क्षेत्र के श्रमिकों के वेतन से होने वाली कटौती को लेकर स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि प्रबंधन शिकायत की जांच के बाद क्या कार्रवाई करता है और श्रम विभाग को निर्धारित समय-सीमा में क्या अनुपालन रिपोर्ट सौंपता है।