त्योहारी सीजन में बेतरतीब पार्किंग बनी जाम की वजह

कोरबा।त्योहारी सीजन शुरू होते ही शहर के प्रमुख बाजारों और मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ने लगा है। इसके साथ ही सड़कों के किनारे बेतरतीब पार्किंग और दुकानों के सामने सड़क तक सामान फैलाने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। शाम के समय बाजारों में बढ़ती भीड़ के बीच जाम की स्थिति बन रही है, वहीं बारिश के कारण फिसलन और कम दृश्यता से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।

शहर के पुराना बस स्टैंड, पावर हाउस रोड, टीपी नगर, घंटाघर, सुभाष चौक, कोसाबाड़ी, कलेक्ट्रेट मार्ग और आईटीआई मार्ग सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में पार्किंग की समस्या देखने को मिल रही है। खासकर शाम के वक्त खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ बढ़ने के साथ यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है।

बाजारों में कई ग्राहक अपने दोपहिया और चारपहिया वाहन सड़क किनारे खड़े कर देते हैं। वहीं कुछ दुकानदार भी दुकान के बाहर सड़क तक सामान सजा देते हैं। इससे सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है और वाहनों के आवागमन में परेशानी होती है। कई बार छोटे जाम की स्थिति कुछ देर में लंबी कतार में बदल जाती है।

घंटाघर से सुभाष चौक, टीपी नगर मुख्य मार्ग, पावर हाउस रोड, पुराना बस स्टैंड, बुधवारी बाजार, एसपी कार्यालय और न्यायालय के सामने यातायात का दबाव अधिक नजर आता है। बारिश के दौरान सड़क किनारे जमा पानी और कीचड़ के कारण वाहन चालकों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ता है।

शहर में स्मृति उद्यान के सामने पार्किंग स्थल विकसित करने सहित कुछ क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था सुधारने के प्रयास किए गए हैं, लेकिन मुख्य बाजार क्षेत्रों में पार्किंग की समस्या अब भी पूरी तरह दूर नहीं हुई है। आगामी त्योहारों के दौरान ग्रामीण और उपनगरीय क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों के खरीदारी के लिए शहर पहुंचने की संभावना है। ऐसे में यातायात का दबाव और बढ़ सकता है।

व्यवस्थित पार्किंग की जरूरत
त्योहारी सीजन को देखते हुए प्रशासन और यातायात विभाग को प्रमुख बाजार क्षेत्रों में अस्थायी एवं व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था करने, सड़क पर सामान रखने वालों पर कार्रवाई करने तथा नो-पार्किंग क्षेत्रों में सख्ती बरतने की जरूरत है।

इसके साथ ही भीड़भाड़ वाले स्थानों पर यातायात जवानों की तैनाती बढ़ाई जाए तो जाम की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। व्यवस्थित यातायात से जहां लोगों को राहत मिलेगी, वहीं बारिश के बीच संभावित दुर्घटनाओं का खतरा भी कम होगा।