भादी अमावस्या की पूर्व संध्या पर सप्तदेव मंदिर में सजेगी भक्ति और काव्य की महफिल

10 सितंबर को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, देशभर के सुप्रसिद्ध कवि-कवयित्रियां करेंगी काव्यांजलि

कोरबा।श्री भादी अमावस्या के पावन पर्व की पूर्व संध्या पर श्री सप्तदेव मंदिर परिसर भक्ति, साहित्य और संस्कृति के अनूठे संगम का साक्षी बनेगा। गुरुवार 10 सितंबर को रात 8 बजे मंदिर परिसर में अखिल भारतीय भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचने वाले सुप्रसिद्ध कवि-कवयित्रियां अपनी रचनाओं के माध्यम से मां श्री रानी सती दादी के श्रीचरणों में भावपूर्ण काव्यांजलि अर्पित करेंगे।

आयोजकों के अनुसार यह आयोजन महज मनोरंजन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भक्ति, अध्यात्म, भारतीय संस्कृति, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक सरोकार और हास्य-व्यंग्य का सुंदर संगम होगा। कवियों की विविध विधाओं से सजी काव्य प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं और साहित्यप्रेमियों को भाव-विभोर करेंगी।

हास्य-व्यंग्य के साथ गूंजेगा भक्ति और राष्ट्रभाव
कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले रचनाकार अपनी विशिष्ट शैली में प्रस्तुतियां देंगे। कहीं हास्य-व्यंग्य की फुहार श्रोताओं को गुदगुदाएगी, तो कहीं भक्ति और अध्यात्म से ओत-प्रोत रचनाएं मंदिर परिसर को भक्तिमय बनाएंगी। राष्ट्रप्रेम, सामाजिक चेतना और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी कविताएं भी कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहेंगी।

अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में सुप्रसिद्ध कवयित्री एवं अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन की सांस्कृतिक समिति की संयोजिका सोनल जैन, सूरत, इंजीनियर विनोद नयन, जबलपुर, जयकुमार जय, भरतपुर, विमल सोनी, सूरत, बृजकिशोर पटेल, इटारसी तथा कार्यक्रम की संयोजिका एवं कोरबा की सुप्रसिद्ध कवयित्री डॉ. अंजना सिंह ठाकुर अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगी।

सभी रचनाकारों की अपनी विशिष्ट काव्य शैली है और उनकी प्रस्तुतियों में धर्म, अध्यात्म, राष्ट्र, समाज तथा मानवीय संवेदनाओं के विविध रंग देखने को मिलेंगे।

दादी भक्तों के लिए विशेष अवसर
श्री रानी सती दादी के भक्तों के लिए भादी अमावस्या विशेष आस्था और श्रद्धा का पर्व है। इसी क्रम में मुख्य पर्व से एक दिन पूर्व आयोजित यह काव्य संध्या भक्तों को धार्मिक वातावरण के साथ साहित्य और संस्कृति का आनंद लेने का अवसर प्रदान करेगी।

आयोजकों का कहना है कि धर्म, साहित्य और संस्कृति को एक मंच पर लाने का यह प्रयास भारतीय परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।

परिवार सहित पहुंचने की अपील
छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन एवं कृष्णा ग्रुप ने कोरबा सहित आसपास के नगरों के श्रद्धालुओं, दादी भक्तों, साहित्यप्रेमियों और संस्कृति अनुरागियों से 10 सितंबर की रात 8 बजे श्री सप्तदेव मंदिर परिसर में परिवार एवं इष्ट-मित्रों सहित पहुंचने की अपील की है।

आयोजकों ने विश्वास जताया कि भादी अमावस्या की पूर्व संध्या पर होने वाला यह आयोजन कोरबा के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में एक यादगार अध्याय जोड़ेगा। मंदिर परिसर में जब देशभर से आए कवियों की रचनाएं गूंजेंगी, तब भक्ति और कविता, आस्था और संस्कृति तथा धर्म और साहित्य का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।