जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण में कोरबा की अंकिता और प्रतिभा ने बढ़ाया जिले का मान

उदयपुर में आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण में छत्तीसगढ़ के आठ प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

कोरबा। जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति युवाओं में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय मुख्यालय द्वारा यूथ लेड एक्शन ऑन क्लाइमेट चेंज (YLACC) परियोजना के अंतर्गत राष्ट्रीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

राजस्थान के उदयपुर में आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण में मध्य क्षेत्र के राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से कुल 65 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। इसमें छत्तीसगढ़ से आठ प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें कोरबा की यूनिट लीडर अंकिता सामल एवं रेंजर प्रतिभा साहू भी शामिल रहीं।

प्रशिक्षण का उद्देश्य स्काउट्स एवं गाइड्स के माध्यम से युवाओं को जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु कार्रवाई के प्रति जागरूक करना तथा प्रशिक्षकों को इस अभियान को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए तैयार करना था।

कार्यक्रम दर्शना पावसकर, संयुक्त निदेशक, गाइड्स (कार्यक्रम एवं प्रशिक्षण) एवं परियोजना प्रमुख के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यशाला का नेतृत्व जयश्री जी. वाघमारे ने किया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जलवायु परिवर्तन के प्रभाव, पर्यावरण संरक्षण तथा युवाओं को जलवायु कार्रवाई से जोड़ने के विभिन्न प्रभावी तरीकों की जानकारी दी गई।

छत्तीसगढ़ से आठ प्रतिभागियों की सहभागिता
राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ से आठ प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें कोरबा जिले से अंकिता सामल और प्रतिभा साहू के अलावा सारंगढ़-बिलाईगढ़ से शैलेन्द्र कुमार साहू, राजमणी बंजारे एवं भगवान प्रसाद बसंत तथा बिलासपुर से मनीषा साहू, हिमांशी साहू एवं ध्वनि हुमने शामिल रहीं।

प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों में युवाओं के साथ काम करने के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास का विकास हुआ। प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद प्रतिभागी अपने-अपने क्षेत्रों एवं समुदायों में YLACC परियोजना को आगे बढ़ाएंगे और अधिक से अधिक युवाओं को जलवायु परिवर्तन तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने में भूमिका निभाएंगे।

कोरबा की अंकिता सामल और प्रतिभा साहू की राष्ट्रीय स्तर के इस प्रशिक्षण में सहभागिता को जिले के लिए उपलब्धि माना जा रहा है। उनके माध्यम से जिले के युवाओं को पर्यावरण संरक्षण और जलवायु कार्रवाई से जोड़ने की दिशा में नई पहल को गति मिलने की उम्मीद है।