कुसमुंडा में स्थानीय श्रमिकों के रोजगार पर संकट! 20 साल से काम कर रहे मजदूरों को दरकिनार कर बाहरी भर्ती का आरोप

नई ठेका कंपनी KNRCL पर गुपचुप तरीके से बाहरी लोगों को रोजगार देने का आरोप,स्थानीय भू- विस्थापितों और पुराने श्रमिकों ने जताया आक्रोश; आंदोलन की चेतावनी

कोरबा। एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र में गोदावरी डिफाई जेवी का ठेका समाप्त होने के बाद नई ठेका कंपनी KNRCL में रोजगार को लेकर विवाद गहरा गया है। स्थानीय श्रमिकों और कांग्रेस नेताओं ने कंपनी पर पुराने एवं अनुभवी श्रमिकों तथा स्थानीय भू-विस्थापितों को नजरअंदाज कर बाहरी लोगों की कथित तौर पर गुपचुप भर्ती करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में कुसमुंडा क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है।

20 वर्षों से सेवाएं दे रहे श्रमिकों के सामने रोजगार का संकट
शिकायत के अनुसार गोदावरी डिफाई जेवी में पिछले करीब 20 वर्षों से ऑपरेटर, ड्राइवर सहित बड़ी संख्या में स्थानीय श्रमिक लगातार सेवाएं दे रहे थे। कंपनी का कार्य समाप्त होने के बाद इन श्रमिकों के सामने अचानक रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। श्रमिकों का कहना है कि वर्षों का अनुभव और स्थानीय होने के बावजूद उन्हें नई कंपनी में रोजगार को लेकर अब तक स्पष्ट स्थिति नहीं बताई गई है।

स्थानीयों को प्राथमिकता का दिया गया था आश्वासन
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पूर्व में एसईसीएल कुसमुंडा के मुख्य महाप्रबंधक और गोदावरी कंपनी प्रबंधन के साथ हुई बैठक में नई ठेका कंपनी KNRCL में पहले स्थानीय भू-विस्थापितों को प्राथमिकता देने और इसके बाद गोदावरी में कार्यरत पुराने एवं अनुभवी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। इसी भरोसे के आधार पर श्रमिक रोजगार सूची जारी होने का इंतजार कर रहे थे।

बाहरी भर्ती के आरोप से बढ़ा आक्रोश
श्रमिकों का आरोप है कि आश्वासन के विपरीत KNRCL द्वारा स्थानीय श्रमिकों को रोजगार देने से पहले ही बाहरी व्यक्तियों की कथित रूप से भर्ती की जा रही है। इससे स्थानीय भू-विस्थापितों और वर्षों से काम कर रहे श्रमिकों में नाराजगी बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि बाहरी लोगों को रोजगार दिया जाता है और स्थानीय अनुभवी श्रमिकों को दरकिनार किया जाता है तो यह उनके साथ अन्याय होगा।

100 प्रतिशत समायोजन की मांग
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि KNRCL में स्थानीय भू-विस्थापितों को प्राथमिकता देने के साथ गोदावरी कंपनी में कार्यरत और रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे सभी पात्र श्रमिकों का 100 प्रतिशत समायोजन सुनिश्चित किया जाए।

साथ ही बाहरी लोगों की कथित गुपचुप भर्ती पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है।

मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि स्थानीय भू-विस्थापितों और पुराने श्रमिकों को रोजगार से वंचित किया गया तो कांग्रेस पार्टी मजदूरों एवं भू-विस्थापितों के साथ मिलकर एसईसीएल और KNRCL प्रबंधन के खिलाफ व्यापक आंदोलन करेगी। आंदोलन की जिम्मेदारी प्रबंधन की होने की बात भी ज्ञापन में कही गई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए ज्ञापन की प्रतिलिपि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, कोरबा सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत, कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष मनोज चौहान, कलेक्टर तथा एसडीएम कटघोरा को भी भेजकर हस्तक्षेप की मांग की गई है।