टूटा नाली का स्लैब दे रहा हादसे को न्योता, जिम्मेदार बेखबर

छिंदपारा गेट के पास सड़क पर बने गहरे गड्ढे से बढ़ा खतरा, रोजाना गुजरते हैं ग्रामीण और स्कूली बच्चे

कोरबा। सिल्ली-पोड़ी पहुंच मार्ग से ग्राम छिंदपारा और बुड़बुड़ को जोड़ने वाली सड़क पर नाली का टूटा स्लैब अब राहगीरों के लिए जानलेवा खतरा बन गया है। बिजली ऑफिस के सामने से छिंदपारा-बुड़बुड़ की ओर जाने वाले कच्चे मार्ग पर छिंदपारा गेट के पास सड़क को क्रॉस कर बनाई गई बारिश के पानी की निकासी वाली नाली का स्लैब दो स्थानों से टूटकर गिर चुका है। इससे सड़क के बीच गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनमें दोपहिया वाहनों का पहिया फंसने से कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।

सड़क के बीच खुला गड्ढा, जरा सी चूक और हादसा तय
नाली का स्लैब टूटने के बाद खुले हिस्से में बने गड्ढे राहगीरों के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं। खासकर बाइक और स्कूटी से गुजरने वालों को यहां बेहद सावधानी बरतनी पड़ती है। अचानक पहिया गड्ढे में जाने पर वाहन अनियंत्रित होकर पलट सकता है। सड़क पर किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था या चेतावनी संकेत नहीं होने से खतरा और बढ़ गया है।

स्कूल जाने वाले बच्चों पर भी मंडरा रहा खतरा
यह मार्ग केवल ग्रामीणों के आवागमन का रास्ता नहीं है, बल्कि आसपास के कई गांवों को सिल्ली-पोड़ी मुख्य मार्ग से जोड़ता है। छिंदपारा में अपेक्स इंटरनेशनल स्कूल संचालित होने के कारण प्रतिदिन छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक इस रास्ते से गुजरते हैं। कई बच्चे निजी वाहनों से भी स्कूल पहुंचते हैं। ऐसे में सड़क के बीच बना यह गड्ढा कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।

रात के अंधेरे में और खतरनाक स्थिति
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक रात के समय इस मार्ग पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं है। अंधेरे में टूटे स्लैब और गड्ढे दिखाई नहीं देने के कारण वाहन चालकों के लिए खतरा कई गुना बढ़ जाता है। अचानक गड्ढा सामने आने पर वाहन संभालना मुश्किल हो जाता है।

बार-बार शिकायत के बाद भी मरम्मत नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि नाली का स्लैब टूटने के बाद कई बार संबंधित जिम्मेदारों से इसकी मरम्मत कराने की मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

ग्रामीणों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदार विभाग की नींद खुलेगी क्या?

ग्रामीणों ने तत्काल मरम्मत की मांग की
स्थानीय लोगों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि मौके का तत्काल निरीक्षण कर टूटे हुए स्लैब को दुरुस्त कराया जाए, खुले गड्ढों को सुरक्षित तरीके से बंद किया जाए और आवश्यकता होने पर चेतावनी संकेत लगाए जाएं। साथ ही रात में पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था कराने की भी मांग की गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग कई गांवों और स्कूल को जोड़ता है, इसलिए यहां सुरक्षा की अनदेखी भारी पड़ सकती है। हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते नाली की मरम्मत कराना जरूरी है।