यूट्यूब से सीखी मुक्केबाजी, मजदूर के बेटे देवेन्द्र ने केवीएस नेशनल में जीता स्वर्ण

केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2 एनटीपीसी के छात्र ने अंडर-17 राष्ट्रीय मुक्केबाजी स्पर्धा में किया कमाल, कोरबा और छत्तीसगढ़ का बढ़ाया मान

कोरबा। सीमित संसाधन और मजबूत इरादे हों तो सफलता की राह खुद बन जाती है। कोरबा के बलगी निवासी मजदूर पुत्र देवेन्द्र कंवर ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) की अंडर-17 राष्ट्रीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है।

केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2 एनटीपीसी के छात्र देवेन्द्र ने पंजाब स्थित एलपीयू यूनिवर्सिटी में 22 से 25 जुलाई तक आयोजित केवीएस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रायपुर रीजन का प्रतिनिधित्व करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर उतरने वाले देवेन्द्र ने दमदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

देवेन्द्र के पिता रामायण सिंह कंवर मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद देवेन्द्र ने हार नहीं मानी। उसने यूट्यूब से मुक्केबाजी की तकनीकें सीखीं और घर पर नियमित अभ्यास कर खुद को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया।

देवेन्द्र की माता द्रौपती कंवर ने बताया कि उनका बेटा रोज सुबह चार बजे उठकर दौड़ लगाता है, दिन में पढ़ाई करता है और शाम को दो से तीन घंटे तक मुक्केबाजी का अभ्यास करता है। खाली समय में वह माता-पिता के साथ खेती के कार्यों में भी सहयोग करता है। उसका सपना भारतीय सेना में अधिकारी बनकर देश की सेवा करना है।

केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-2 एनटीपीसी के खेल शिक्षक अश्मित कुमार, जिन्होंने प्रतियोगिता में रायपुर रीजन की टीम का नेतृत्व किया, ने बताया कि देवेन्द्र अनुशासित, मेहनती और समर्पित खिलाड़ी है। उसकी निरंतर मेहनत और संघर्ष का ही परिणाम है कि उसने पहली ही राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर यह उपलब्धि हासिल की।

खेल के साथ-साथ देवेन्द्र पढ़ाई में भी उत्कृष्ट है। उसने कक्षा 9वीं में ए ग्रेड प्राप्त किया था। परिवार में बड़ी बहन प्रियंका एमएससी अंतिम वर्ष की छात्रा हैं, जबकि छोटा भाई नमन कक्षा 8वीं में अध्ययनरत है।

देवेन्द्र की इस उपलब्धि पर विद्यालय, परिवार और जिलेभर में खुशी का माहौल है। खेल प्रेमियों और नागरिकों ने उसे उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।