कटघोरा के अटल परिसर में भ्रष्टाचार के आरोप, ब्रॉन्ज प्रतिमा की जगह सीमेंट की प्रतिमा लगाने का दावा

बारिश में उखड़ने लगा रंग, निर्माण कार्य और खर्च पर उठे सवाल

निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग तेज

कोरबा/कटघोरा। कटघोरा नगर पालिका परिषद में निर्मित ‘अटल परिसर’ को लेकर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि परिसर में स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा ब्रॉन्ज (तांबे) की बताई गई, जबकि वास्तव में सीमेंट और पत्थर से बनी प्रतिमा पर केवल ब्रॉन्ज रंग का पेंट किया गया है। मामले के सामने आने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सरकारी राशि के उपयोग पर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, राज्य शासन ने सभी नगरीय निकायों में अटल परिसर निर्माण के लिए करोड़ों रुपये की राशि स्वीकृत की थी। योजना के तहत नगर निगमों को 50 लाख, नगरपालिकाओं को 30 लाख और नगर पंचायतों को 20 लाख रुपये का अनुदान दिया गया था। कटघोरा नगर पालिका में भी इसी योजना के तहत अटल परिसर का निर्माण कराया गया।

ब्रॉन्ज प्रतिमा की जगह सीमेंट की प्रतिमा लगाने का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि परियोजना के तहत लगभग 14 लाख रुपये की ब्रॉन्ज प्रतिमा स्थापित किए जाने का प्रावधान था, लेकिन इसके स्थान पर सीमेंट की प्रतिमा बनाकर उस पर ब्रॉन्ज रंग का पेंट कर दिया गया। हाल की बारिश के बाद प्रतिमा पर चढ़ा रंग कई स्थानों से उखड़ने लगा, जिससे प्रतिमा की वास्तविक सामग्री को लेकर संदेह गहरा गया है।

निर्माण कार्य पर भी उठे सवाल
आरोप है कि निर्माण कार्य का ठेका एक स्थानीय ठेकेदार को दिया गया था, जिसने इसे आगे पेटी कॉन्ट्रैक्ट पर सौंप दिया।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो यह केवल सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला नहीं, बल्कि भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति से जुड़ी योजना की गरिमा पर भी प्रश्नचिह्न है।

मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य, प्रतिमा की गुणवत्ता, भुगतान और तकनीकी स्वीकृतियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अनियमितताएं साबित होती हैं तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कर सरकारी राशि की वसूली की जानी चाहिए।