देवशयनी एकादशी पर गूंजी हसदेव आरती, नदी संरक्षण का लिया सामूहिक संकल्प

कोरबा। नमामि हसदेव सेवा समिति के प्रथम वार्षिकोत्सव के अवसर पर देवशयनी एकादशी के पावन पर्व पर शनिवार को मां सर्वमंगला मंदिर घाट में श्रद्धा और भक्ति के साथ हसदेव आरती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर हसदेव नदी के संरक्षण, स्वच्छता और संवर्धन का सामूहिक संकल्प लिया।

समिति द्वारा कोरबा जिले की जीवनदायिनी हसदेव नदी, उसकी सहायक नदियों तथा अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और तटों के सौंदर्यीकरण के उद्देश्य से लगातार जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में प्रत्येक माह की पूर्णिमा को शाम 5 बजे मां सर्वमंगला मंदिर घाट पर नियमित रूप से हसदेव आरती आयोजित की जाती है।

प्रथम वार्षिकोत्सव का आयोजन अखिल भारतीय संत समिति, छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष संत रामरूप दास महात्यागी एवं रामाश्रय श्री हरिहर क्षेत्र केदार, मदकू द्वीप के सानिध्य में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में महापौर संजू देवी राजपूत मुख्य यजमान रहीं, जबकि हितानंद अग्रवाल, धन कुमारी गर्ग, उर्वशी राठौर एवं अजय कुमार चन्द्रा विशिष्ट यजमान के रूप में शामिल हुए।

इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने हसदेव नदी को कोरबा की जीवनरेखा बताते हुए इसके संरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी बताया और अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि जल स्रोतों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम का समापन सामूहिक हसदेव आरती, भजन-कीर्तन और नदी संरक्षण की शपथ के साथ हुआ। श्रद्धालुओं ने हसदेव नदी को स्वच्छ, निर्मल और प्रदूषण मुक्त बनाए रखने का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।