कोल कर्मी की ग्रेच्युटी और बीमा राशि हड़पने का आरोप, बेटी की शिकायत पर मां-बेटे के खिलाफ एफआईआर

न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुआ मामला, फर्जी दस्तावेजों के सहारे लाखों रुपये निकालने का आरोप; पुलिस ने शुरू की जांच

कोरबा। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) कोरबा सत्यानंद प्रसाद के आदेश के बाद मानिकपुर निवासी चेतना सिंह की शिकायत पर उनकी मां पुष्पा सिंह और भाई कुलदीप सिंह के खिलाफ मानिकपुर चौकी पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचना सहित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

शिकायत के अनुसार, दिवंगत साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के कर्मचारी नवरतन सिंह की ग्रेच्युटी, कोल माइंस प्रोविडेंट फंड (सीएमपीएफ), बीमा और अन्य सेवा लाभ की राशि कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त कर ली गई।

परिवाद में आरोप लगाया गया है कि नवरतन सिंह की पहली पत्नी टिकैतीन बाई से उनका कभी विधिवत तलाक नहीं हुआ था। सेवा अभिलेखों और बीमा दस्तावेजों में भी पहली पत्नी ही नामिनी दर्ज थीं।

इसके बावजूद दूसरी पत्नी पुष्पा सिंह ने स्वयं को टिकैतीन बाई बताकर कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और उनके आधार पर कोयला कंपनी तथा भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) से लाखों रुपये की राशि प्राप्त कर ली।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मतदाता सूची सहित अन्य दस्तावेजों में भी फर्जीवाड़ा कर लाभ हासिल किया गया। पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने पर चेतना सिंह ने न्यायालय की शरण ली। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने प्रथम दृष्टया अपराध पाया और एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।

न्यायालय के आदेश के आधार पर मानिकपुर चौकी पुलिस ने पुष्पा सिंह और कुलदीप सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।