बलगी सब-स्टेशन में 20 बदमाशों का धावा, सुरक्षा गार्ड पर जानलेवा हमला कर लाखों का सामान ले उड़े

कॉपर केबल, पैनल और अन्य सामग्री की चोरी, गार्ड गंभीर घायल; एसईसीएल की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

कोरबा। बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र स्थित एसईसीएल के बलगी विद्युत सब-स्टेशन में शनिवार देर रात 15 से 20 नकाबपोश बदमाशों ने धावा बोलकर सुरक्षा गार्ड पर जानलेवा हमला कर दिया। बदमाशों ने डंडे, लोहे की रॉड और धारदार हथियारों से हमला कर गार्ड को गंभीर रूप से घायल कर दिया और इसके बाद लाखों रुपये की सामग्री चोरी कर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, घटना शनिवार रात करीब 11:10 बजे की है। बलगी माइंस स्थित विद्युत सब-स्टेशन में ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड संजय कुमार अकेले मौजूद थे। इसी दौरान 15 से 20 की संख्या में पहुंचे नकाबपोश बदमाश परिसर में घुस आए और बिना किसी बातचीत के उन पर हमला कर दिया। हमले में गार्ड के सिर समेत शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।

गार्ड को घायल करने के बाद बदमाशों ने सब-स्टेशन से कॉपर केबल, एंगल, विद्युत पैनल सहित लाखों रुपये मूल्य की सामग्री चोरी कर ली। जाते-जाते आरोपियों ने गार्ड को धमकी दी कि यदि घटना की जानकारी पुलिस या प्रबंधन को दी तो जान से मार देंगे। बदमाशों ने यह भी दावा किया कि वे पहले भी एसईसीएल की कई परियोजनाओं में चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं।

घटना की जानकारी मिलने के बाद एसईसीएल प्रबंधन ने घायल गार्ड को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। सूचना पर बांकीमोंगरा पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर अपराध दर्ज करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद एसईसीएल की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। घायल गार्ड का कहना है कि पहले सब-स्टेशन में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तैनात रहते थे, लेकिन बाद में उनकी संख्या कम कर दी गई। जबकि पूर्व में भी चोरी के प्रयास और सुरक्षा संबंधी घटनाएं हो चुकी हैं।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले सुराकछार, मानिकपुर, दीपका और कुसमुंडा सहित एसईसीएल की विभिन्न परियोजनाओं में भी सुरक्षा कर्मियों पर हमले और लाखों रुपये की चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।लगातार हो रही इन वारदातों से कर्मचारियों और उनके परिजनों में भय का माहौल है।

स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने औद्योगिक परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने की मांग की है।