लंबित राजस्व प्रकरणों पर कलेक्टर सख्त, तय समय सीमा में निराकरण नहीं होने पर जताई नाराजगी

कोरबा।जिले में लंबित राजस्व प्रकरणों और समय-सीमा वाले मामलों के निराकरण में हो रही देरी पर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कड़ी नाराजगी जताई है। मंगलवार को आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने विभिन्न तहसीलों में लंबित विवादित, अविवादित, सीमांकन और त्रुटि सुधार संबंधी मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से जवाब-तलब किया और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टोरेट सभागार में आयोजित बैठक में पाया गया कि तय समय सीमा के बावजूद बड़ी संख्या में राजस्व प्रकरण लंबित हैं। इस पर कलेक्टर ने तहसील स्तर के अधिकारियों से देरी के कारण पूछे और स्पष्ट कहा कि यदि मैदानी अमले को किसी प्रकार की व्यवहारिक कठिनाई है तो उसका समाधान किया जाए, लेकिन कार्य में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि लंबित मामलों में शीघ्र प्रगति नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में ई-कोर्ट के लंबित प्रकरणों का भी एक सप्ताह के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही एग्रीस्टैक एवं बकेट क्लेम की समीक्षा करते हुए राजस्व अधिकारियों को इन मामलों के त्वरित निपटारे पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि प्रत्येक राजस्व प्रतिवेदन में संबंधित प्रकरण क्रमांक अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए, ताकि कार्यवाही में पारदर्शिता बनी रहे।

शिक्षा विभाग से मांगी अपार आईडी की सूची
समीक्षा बैठक में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने पांचों विकासखंडों के सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की अपार आईडी (APAAR ID) की प्रगति रिपोर्ट मांगी। विभाग द्वारा सूची उपलब्ध नहीं करा पाने पर उन्होंने तत्काल सूची प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही अहाता विहीन विद्यालयों, पेयजल सुविधा से वंचित स्कूलों और अन्य बुनियादी सुविधाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराने को कहा।

चिकित्सक-शिक्षक आवासों का होगा जल्द आवंटन
बैठक में डीएमएफ मद से निर्मित चिकित्सक एवं शिक्षक आवासों के आवंटन की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि ब्लॉक मुख्यालयों और दूरस्थ क्षेत्रों में बने आवासों का आवंटन एसडीएम के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। आवासों के रखरखाव के लिए न्यूनतम किराया निर्धारित कर संबंधित कर्मचारियों के बैंक खातों से जमा कराने की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे उनकी जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय, डीएफओ प्रेमलता यादव, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल,सहायक कलेक्टर सहित सभी एसडीएम एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।