KORBA: NTPC कोरबा की सातों यूनिट एक साथ ट्रिप,2600 मेगावाट उत्पादन ठप

PGCIL की बे-ब्रेकर टेस्टिंग के दौरान इलेक्ट्रिकल फॉल्ट से मचा हड़कंप, शनिवार दोपहर तक 3 यूनिट बहाल

कोरबा। छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े बिजली उत्पादक संयंत्रों में शामिल एनटीपीसी कोरबा में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात बड़ा तकनीकी ब्रेकडाउन हो गया। पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (PGCIL) द्वारा बे-ब्रेकर की टेस्टिंग के दौरान आई इलेक्ट्रिकल खराबी के चलते संयंत्र की सभी सातों यूनिट एक साथ ट्रिप हो गईं। इससे 2600 मेगावाट क्षमता वाले संयंत्र का पूरा उत्पादन ठप हो गया और प्लांट में ब्लैकआउट जैसी स्थिति निर्मित हो गई।

एनटीपीसी कोरबा की कुल स्थापित क्षमता 2600 मेगावाट है। इसमें 200 मेगावाट क्षमता की तीन तथा 500 मेगावाट क्षमता की चार यूनिट शामिल हैं। सभी यूनिटों के एक साथ बंद होने से बिजली उत्पादन पूरी तरह रुक गया। इसका असर संयंत्र की सहायक व्यवस्थाओं पर भी पड़ा।

एनटीपीसी टाउनशिप में करीब डेढ़ घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिसे बाद में डीजी सेट के माध्यम से बहाल किया गया।

कई राज्यों की बिजली आपूर्ति पर पड़ा असर
एनटीपीसी कोरबा से उत्पादित बिजली की आपूर्ति छत्तीसगढ़ के अलावा मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा सहित अन्य क्षेत्रों को भी होती है। ऐसे में सातों यूनिट के एक साथ ट्रिप होने से इन क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था पर भी दबाव पड़ा। हालांकि ग्रिड व्यवस्था के माध्यम से आपूर्ति को संभालने के प्रयास किए गए।


शनिवार दोपहर तक 3 यूनिट चालू
ब्रेकडाउन के बाद एनटीपीसी की तकनीकी टीमें युद्धस्तर पर बहाली के काम में जुट गईं। शनिवार दोपहर करीब 2 बजे तक तीन यूनिटों को सफलतापूर्वक बहाल कर लिया गया।

इनमें 500 मेगावाट क्षमता की दो और 200 मेगावाट क्षमता की एक यूनिट शामिल है।

शेष चार यूनिटों को सुरक्षा प्रक्रियाओं के तहत क्रमबद्ध तरीके से चालू करने का काम जारी है। तकनीकी टीमें प्रत्येक यूनिट की जांच के बाद उसे सिंक्रोनाइज कर रही हैं, ताकि किसी तरह की तकनीकी समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।

एनटीपीसी प्रबंधन ने शुक्रवार को जारी मीडिया विज्ञप्ति में सभी यूनिटों की बहाली प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी दी थी और देर रात तक स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई थी। हालांकि शनिवार सुबह तक सभी यूनिट चालू नहीं हो सकीं। जनसंपर्क अधिकारी उषा घोष ने बताया कि बहाली का कार्य युद्धस्तर पर जारी है और शाम तक आधिकारिक अपडेट दिया जाएगा।

2011 में भी हुआ था ऐसा ब्रेकडाउन
गौरतलब है कि एनटीपीसी कोरबा में वर्ष 2011 में भी इसी तरह की बड़ी तकनीकी खराबी के चलते सभी यूनिट एक साथ बंद हो गई थीं। उस समय संयंत्र को पूरी तरह सामान्य करने में करीब दो से तीन दिन का समय लगा था। मौजूदा स्थिति में प्रबंधन का कहना है कि सभी यूनिटों को सुरक्षा मानकों के अनुरूप जल्द से जल्द बहाल कर बिजली उत्पादन सामान्य कर लिया जाएगा।