सीएसईबी कोरबा पूर्व : 324 जर्जर मकानों को तोड़ने की फिर से शुरू हुई कवायद

पिछले साल अधूरा रह गया था अभियान, इस बार महाराष्ट्र की कंपनी को मिला ठेका; प्रशासन और पुलिस से मांगा सहयोग

कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी (सीएसईबी) की कोरबा पूर्व कॉलोनी में स्थित 324 जर्जर मकानों को ध्वस्त करने की तैयारी एक बार फिर शुरू हो गई है। इस बार महाराष्ट्र की मेसर्स के.के. घरत एंड कंपनी को कार्यादेश जारी किया गया है। कंपनी को पांच माह के भीतर सभी चिन्हित जर्जर मकानों को डिस्मेंटल करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सीएसईबी कॉलोनी सिविल की कार्यपालन अभियंता श्रीमती तिग्गा ने बताया कि पुष्पलता गार्डन से कलेक्ट्रेट के सामने तक सड़क किनारे स्थित जर्जर मकानों को खाली कराने के लिए एक सप्ताह पहले नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं।

संबंधित कब्जाधारियों को समय रहते मकान खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।

इन मकानों को किया जाएगा ध्वस्त

विभाग द्वारा जिन आवासों को डिस्मेंटल किया जाना है, उनमें एनएफ-209 से 304, एसएफ-995 से 1042, एसएफ-939 से 994, एसएफ-907 से 938, एसएफ-891 से 906, एसएफ-859 से 890, एसएफ-787 से 850, एसएफ-747 से 786 सहित विभिन्न ब्लॉकों के कुल 324 जर्जर मकान शामिल हैं।

60 वर्ष पुराने हो चुके हैं भवन
ये मकान लगभग छह दशक पहले सीएसईबी कर्मचारियों के लिए बनाए गए थे। समय के साथ अधिकांश कर्मचारी नए आवासों में स्थानांतरित हो गए। इसके बाद कुछ मकान अन्य विभागों के कर्मचारियों को आवंटित किए गए, जबकि कई पर बाहरी लोगों ने कब्जा कर लिया। लंबे समय से रखरखाव नहीं होने के कारण ये भवन अब पूरी तरह जर्जर होकर दुर्घटना का खतरा बन चुके हैं।

पिछले साल अधूरा रह गया था काम
विभाग ने बताया कि पिछले वर्ष भी जर्जर मकानों को तोड़ने का कार्य एक ठेकेदार को सौंपा गया था, लेकिन उसने बीच में ही काम बंद कर दिया था। इस कारण अभियान अधूरा रह गया। अब नए ठेकेदार के माध्यम से कार्य को दोबारा शुरू किया जा रहा है।

प्रशासन और पुलिस के सहयोग की जरूरत
कार्यपालन अभियंता श्रीमती तिग्गा ने बताया कि कई मकानों पर कब्जा होने के कारण उन्हें खाली कराना चुनौतीपूर्ण है। इसलिए विभागीय अधिकारियों ने कलेक्टर से मुलाकात कर पूरी स्थिति से अवगत कराया और मकान खाली कराने के लिए प्रशासन एवं पुलिस का सहयोग मांगा है, ताकि डिस्मेंटल का कार्य बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके।