जल प्रबंधन में कोरबा निगम की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना, ‘कैच द रैन’ अभियान बना मिसाल

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में महापौर और आयुक्त के प्रयासों की प्रशंसा

कोरबा। जल संरक्षण और वर्षा जल प्रबंधन के क्षेत्र में किए गए नवाचारों के लिए नगर पालिक निगम कोरबा को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव डी. तारा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत और निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय के प्रयासों की प्रशंसा की।

अमृत मिशन 2.0 के अंतर्गत संचालित सेलो एक्विफर मैनेजमेंट और कैच द रैन परियोजना के प्रथम चरण में देश के 75 पात्र शहरों में से चयनित 10 शहरों में कोरबा भी शामिल है। समीक्षा बैठक में परियोजना की प्रगति, जल प्रबंधन, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और रिचार्ज वेल निर्माण के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।

महापौर और आयुक्त ने बताया कि निगम ने शहर के 10 अलग-अलग स्थानों पर रिचार्ज वेल का निर्माण कराया है।

इसरो के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) के तकनीकी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में इंजेक्ट वेल पद्धति के माध्यम से वर्षा के दौरान सड़कों और नालियों में बहने वाले पानी का भू-जल पुनर्भरण सुनिश्चित करने की कार्ययोजना भी पूरी कर ली गई है।

1728 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट बने
निगम क्षेत्र में अब तक 757 शासकीय भवनों और 971 निजी भवनों सहित कुल 1728 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट स्थापित किए जा चुके हैं। निगम ने भवन निर्माण अनुमति में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य कर दिया है।

इसके अलावा सामुदायिक भवन, विद्यालय, आंगनबाड़ी, मंगल भवन और अन्य सार्वजनिक निर्माण कार्यों में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट का प्रावधान अनिवार्य रूप से शामिल किया जा रहा है।

समीक्षा बैठक में सभापति नूतन सिंह ठाकुर, मेयर इन काउंसिल के सदस्य, पार्षद एवं एल्डरमेन भी उपस्थित रहे।

केंद्रीय मंत्रालय ने कोरबा के जल संरक्षण मॉडल को अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणादायक बताया।