टपकती छत के नीचे पढ़ने को मजबूर नौनिहाल, छातासराई आंगनबाड़ी की बदहाली ने खोली विभागीय दावों की पोल

शिकायत के बावजूद नहीं हुई मरम्मत, बारिश में बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई दोनों पर मंडरा रहा खतरा

कोरबा। सरकार जहां आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और सर्वांगीण विकास का मजबूत आधार बताती है, वहीं ग्राम पंचायत माखुरपानी के आश्रित ग्राम छातासराई स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की बदहाल स्थिति इन दावों की हकीकत बयां कर रही है। लगातार बारिश के बीच केंद्र की छत से पानी टपक रहा है, जिससे छोटे-छोटे बच्चों को भीगते हुए पढ़ाई करने और बैठने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पेवती यादव ने इस गंभीर समस्या की सूचना पहले ही महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी ममता तुली को दे दी थी, लेकिन शिकायत के बावजूद अब तक भवन की मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नतीजतन बारिश के मौसम में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा दोनों खतरे में पड़ गई हैं।

आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी और भवनों की स्थिति का नियमित निरीक्षण महिला एवं बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब समय रहते शिकायत मिल चुकी थी, तो बारिश शुरू होने से पहले मरम्मत कार्य क्यों नहीं कराया गया?

यदि विभागीय अधिकारी समय पर निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई करते, तो आज मासूम बच्चों को टपकती छत के नीचे बैठने की नौबत नहीं आती।

ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर भवन की समय पर मरम्मत नहीं हुई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। बारिश का पानी टपकने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं उन्हें सर्दी, बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों का भी खतरा बना हुआ है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग से मांग की है कि छातासराई आंगनबाड़ी केंद्र की तत्काल मरम्मत कराई जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए। उनका कहना है कि नौनिहालों का भविष्य टपकती छत के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता, इसलिए बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए अविलंब कार्रवाई की जानी चाहिए।