उद्योग मंत्री की पहल: उपक्रमों की जमीन पर बसे लोगों को मिलेगा पट्टा!

सीएसईबी, एनटीपीसी, एसईसीएल सहित अन्य संस्थाओं की जमीन शासन को हस्तांतरित करने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्र में सार्वजनिक एवं निजी उपक्रमों की जमीन पर पिछले कई दशकों से निवासरत लोगों को स्थायी पट्टा दिलाने की दिशा में नगर विधायक एवं कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने पहल की है। मंत्री ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर सीएसईबी, एनटीपीसी, एसईसीएल सहित अन्य संस्थाओं की संबंधित भूमि को शासन के पक्ष में हस्तांतरित कर वहां बसे लोगों को स्थायी पट्टा प्रदान करने के लिए आवश्यक कार्रवाई का आग्रह किया है।

मंत्री देवांगन ने मुख्यमंत्री द्वारा आवासीय पट्टे के लिए सर्वे कराए जाने की पहल के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राजस्व, नजूल एवं आबादी भूमि पर काबिज लोगों के नाम सर्वे सूची में जोड़े जा रहे हैं, लेकिन कोरबा निगम क्षेत्र में ऐसी बड़ी संख्या में बस्तियां हैं, जहां लोग सार्वजनिक एवं औद्योगिक उपक्रमों की जमीन पर वर्षों से निवास कर रहे हैं।

इन लोगों को मौजूदा सर्वे प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर नहीं मिल पा रहा है।

40-50 वर्षों से जमीन पर काबिज हैं परिवार
मंत्री ने पत्र में बताया कि सीएसईबी, एनटीपीसी, एसईसीएल, जल संसाधन विभाग, वन विभाग एवं बालको जैसी संस्थाओं के औद्योगिक क्षेत्रों अथवा खाली पड़ी जमीन पर अनेक परिवार पिछले 40 से 50 वर्षों से निवासरत हैं।

इन क्षेत्रों में समय के साथ बस्तियां विकसित हो गई हैं और शासन की ओर से बिजली, पानी तथा सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

इसके बावजूद भूमि का स्थायी पट्टा नहीं होने के कारण इन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

मानवीय दृष्टिकोण से हो स्थायी समाधान’
मंत्री देवांगन ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि लंबे समय से आबाद ऐसी भूमि को संबंधित संस्थाओं से शासन के पक्ष में हस्तांतरित कराने की प्रक्रिया शुरू की जाए। इसके बाद वहां वर्षों से निवासरत पात्र परिवारों को स्थायी पट्टा प्रदान करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि यह मामला केवल भूमि का नहीं, बल्कि दशकों से इन क्षेत्रों में रह रहे परिवारों के स्थायी आशियाने और उनके अधिकारों से जुड़ा विषय है। मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए इसका स्थायी समाधान किया जाना आवश्यक है।

लगातार उठती रही है पट्टे की मांग
मंत्री ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि कोरबा विधानसभा क्षेत्र के नागरिक लंबे समय से स्थायी पट्टा दिए जाने की मांग करते रहे हैं। ऐसे में सीएसईबी, एनटीपीसी, एसईसीएल, जल संसाधन, वन एवं बालको की संबंधित भूमि को शासन के पक्ष में हस्तांतरित कर वहां निवासरत पात्र लोगों को स्थायी पट्टा दिलाने की प्रक्रिया शुरू किए जाने से हजारों परिवारों को राहत मिल सकती है।