गांव-गांव में फलदार पौधों का रोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

कोरबा। पर्यावरण संरक्षण और हरित वातावरण के उद्देश्य से जिले के विभिन्न गांवों में फलदार पौधों का रोपण किया गया। अभियान के तहत ग्राम पंचायत मुढुनारा के आश्रित ग्राम मातमार, कल्दामार और बनखेता तथा ग्राम पंचायत गेराव के आश्रित ग्राम घोटमार में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

ग्राम घोटमार में आयोजित कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती बिजमोति राठिया ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन का आधार हैं। ये हमें शुद्ध वायु, जल संरक्षण, छाया, फल और प्राकृतिक संतुलन प्रदान करते हैं। उन्होंने बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक नागरिक से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।

उन्होंने ग्राम मित्र द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना करते हुए ग्रामीणों से इसमें सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

ग्राम मातमार में बच्चों ने पारंपरिक लोक संस्कृति और सामूहिक नृत्य के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर सरपंच बाबू सिंह कंवर ने कहा कि बढ़ती गर्मी, गिरता भूजल स्तर और मौसम में असंतुलन का प्रमुख कारण वृक्षों की अंधाधुंध कटाई है। उन्होंने कहा कि केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि पौधों का संरक्षण और नियमित देखभाल भी सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

वहीं कल्दामार में महिला स्व-सहायता समूहों ने जागरूकता रैली निकालकर ग्रामीणों को वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के महत्व से अवगत कराया।

कार्यक्रम में उमेद भगवती सिंह, कार्तिक राठिया, पंच सुमित्रा, शिवमती, संतोषी, रघु, बोधराम पटेल, मितानिन सरिता, चित्रा, राजकुमारी, दिगेश्वरी महंत, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता विमला राठिया और सक्रिय महिला रंभा देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

इस अभियान के माध्यम से ग्रामीणों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें सुरक्षित रखने का संकल्प लिया, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित पर्यावरण मिल सके।