दंतैल हाथी की फिर वापसी, 9 हाथियों का दल  पहुंचा केराकछार

10 गांवों में मुनादी कर ग्रामीणों को किया गया सतर्क, खेत और जंगल जाने में बरतें सावधानी

कोरबा। कोरबा वन मंडल के कुदमुरा रेंज में दंतैल हाथी की दो दिन बाद फिर वापसी होने से ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। गुरुवार को यह हाथी चचिया के जंगल में देखा गया। वहीं करतला रेंज से 9 हाथियों का झुंड पसरखेत के केराकछार क्षेत्र में पहुंच गया है। वन विभाग ने आसपास के 10 गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

वन विभाग के अनुसार हाथियों का झुंड लगातार अपना स्थान बदल रहा है और किसी एक जगह अधिक देर तक नहीं रुक रहा है। सबसे अधिक खतरा अकेले घूम रहे दंतैल हाथी से माना जा रहा है। चचिया, करतला और पसरखेत रेंज की सीमाएं आपस में जुड़ी होने के कारण उसके किसी भी दिशा में जाने की संभावना बनी हुई है।

खेती के मौसम को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने लोगों से दिन के समय भी जंगल के भीतर नहीं जाने और खेतों में समूह बनाकर कार्य करने की सलाह दी है।

विभाग ने बताया कि पिछले सप्ताह हाथियों के झुंड से सामना होने पर एक ग्रामीण की कुचलकर मौत हो गई थी। इस घटना के बाद निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी गई है।

इधर,वन मंडल कटघोरा के जटगा रेंज में घूम रहे 48 हाथियों का दल अब कई छोटे समूहों में बंट गया है। हाथी केंदई, पसान और एतमानगर रेंज के जंगलों में विचरण कर रहे हैं। फिलहाल किसी नई जनहानि या फसल नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन जंगलों के बीच स्थित खेतों में काम करने वाले किसानों के लिए खतरा लगातार बना हुआ है।

वन विभाग लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देकर केवल विभागीय सूचना का पालन करने की अपील की है।