लोन दिलाने का झांसा देकर ग्रामीण महिलाओं से लाखों की ठगी, अभिवृद्धि फायनेंसियल सर्विस का मैनेजर फरार

कार्यालय पर लटका ताला, मैनेजर और महिला कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज

कोरबा। टीपी नगर स्थित अभिवृद्धि फायनेंसियल सर्विस पर लोन दिलाने के नाम पर ग्रामीण महिलाओं से लाखों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कंपनी के कर्मचारियों ने कम ब्याज पर ऋण दिलाने का भरोसा देकर विभिन्न मदों में शुल्क वसूल लिया, लेकिन न तो ऋण स्वीकृत कराया और न ही जमा की गई राशि लौटाई।

शिकायत के बाद पुलिस ने कंपनी के मैनेजर और एक महिला कर्मचारी के विरुद्ध मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार करतला थाना क्षेत्र के ग्राम नोनबिर्रा निवासी स्मिता केंवट ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि मार्च 2026 से अभिवृद्धि फायनेंसियल सर्विस के मैनेजर संजय सागर और कर्मचारी प्रियंका कलसे ने उन्हें तथा अन्य ग्रामीण महिलाओं को कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं को विशेष योजना के तहत ऋण मिलने की बात कहकर आवेदन भरवाए गए और विभिन्न शुल्क जमा कराए गए।

शिकायत के अनुसार स्मिता केंवट ने चार लाख रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया था। इसके एवज में पहले आवेदन शुल्क लिया गया और बाद में सीएमए एवं डीपीआर शुल्क के नाम पर 28,880 रुपये ऑनलाइन जमा कराए गए। कर्मचारियों ने 12 दिनों के भीतर ऋण राशि खाते में आने का भरोसा दिया, लेकिन न तो ऋण मिला और न ही जमा राशि वापस की गई।

शिकायत में बताया गया है कि गांव की कई अन्य महिलाओं से भी अलग-अलग राशि वसूली गई। इनमें संजू भट्ट,प्रीति महंत,किरण महंत,गीताबाई महंत,गीताबाई केंवट, रतनीबाई, विजय कुमारी, रेवती बाई बिंझवार, उषा बिंझवार, गीताबाई बिंझवार, गायत्रीबाई और कुमुदनी बाई सहित कई लोगों ने लोन की उम्मीद में हजारों रुपये जमा किए। सभी से मिलाकर लाखों रुपये वसूले जाने की बात सामने आई है।


जब पीड़ित महिलाएं 8 जुलाई को टीपी नगर स्थित कार्यालय पहुंचीं तो वहां ताला लगा मिला। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत की।

स्मिता केंवट की रिपोर्ट पर पुलिस ने अभिवृद्धि फायनेंसियल सर्विस के मैनेजर संजय सागर तथा कर्मचारी प्रियंका कलसे के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है तथा मामले में अन्य पीड़ितों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।