वायु, जल और भूमि संरक्षण हमारी संस्कृति का मूल आधार : कामेश्वरधर दीवान

ज्येष्ठ पूर्णिमा पर सर्वमंगला घाट में हुई हसदेव महाआरती, नदी संरक्षण का लिया संकल्प

कोरबा। ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर नमामि हसदेव सेवा समिति द्वारा स्थानीय सर्वमंगला घाट में भव्य हसदेव महाआरती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर हसदेव नदी की आरती की तथा नदी संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के मुख्य यजमान एवं संस्कार भारती के जिला अध्यक्ष कामेश्वरधर दीवान ने कहा कि भूमि, जल और वायु तत्वों के प्रति समर्पण भारतीय संस्कृति की पहचान है।

उन्होंने कहा कि जब समाज के लोग अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए ऐसे जन-जागरूकता अभियानों से जुड़ते हैं, तब प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित होता है। उन्होंने नमामि हसदेव के प्रयासों की सराहना करते हुए अधिक से अधिक लोगों से इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।

महाआरती से पूर्व वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुरोहितों द्वारा पूजन-अर्चन एवं यज्ञ अनुष्ठान संपन्न कराया गया। कार्यक्रम में वित्तीय सलाहकार आशीष श्रीवास्तव, कोरबा कम्प्यूटर कॉलेज के संचालक राजेश अग्रवाल तथा आदित्य वाहिनी के अध्यक्ष संदीप शर्मा विशिष्ट यजमान के रूप में शामिल हुए।

नमामि हसदेव के संस्थापक रणधीर पांडेय ने महाआरती की अवधारणा और उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत और नेपाल ऐसे देश हैं जहां नदियों को पूजने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि जल, वायु और भूमि जीवन के मूल आधार हैं और इनके संरक्षण के बिना मानव जीवन की कल्पना संभव नहीं है। इसी सोच के साथ हसदेव नदी संरक्षण का अभियान प्रारंभ किया गया है।

कार्यक्रम में शासकीय महाविद्यालय की प्राध्यापक अर्चना दीवान, वर्षा श्रीवास्तव, ज्योति शर्मा सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, पर्यावरण प्रेमी और श्रद्धालु उपस्थित रहे।