कोतवाली में नशेड़ी का हाईवोल्टेज ड्रामा, रोजनामचा फाड़ने और तोड़फोड़ की कोशिश, गिरफ्तार

पुलिसकर्मियों से गाली-गलौज, महिला आरक्षकों से अभद्रता, सरकारी कार्य में डाली बाधा

कोरबा। कोरबा शहर में नशे का बढ़ता असर अब थानों तक पहुंच गया है। सोमवार को कोतवाली थाना परिसर में एक शराबी युवक ने जमकर उत्पात मचाया। नशे में धुत युवक ने पुलिसकर्मियों से गाली-गलौज की, महिला आरक्षकों के साथ अभद्र व्यवहार किया, सरकारी दस्तावेजों को बिखेर दिया और रोजनामचा फाड़ने की कोशिश करते हुए थाना परिसर में तोड़फोड़ कर दी। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे काबू कर गिरफ्तार कर लिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर करीब 3 बजे कोतवाली थाना में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक कुंवर साय ड्यूटी पर थे। इसी दौरान एक युवक शराब के नशे में धुत होकर थाना परिसर में पहुंचा और बिना किसी कारण हंगामा शुरू कर दिया। आरोपी ने ड्यूटी पर मौजूद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को अश्लील गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी तथा शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई।

महिला स्टाफ से भी की अभद्रता
उपद्रवी युवक ने थाना के महत्वपूर्ण दस्तावेज उठाकर फेंक दिए। महिला आरक्षक सुनीता कश्यप और मोहर्रिर सुनीता डहरिया के साथ भी अभद्र व्यवहार करते हुए अश्लील गाली-गलौज की। आरोपी ने रोजनामचा फाड़ने का प्रयास किया और टेबल में लगे कांच को तोड़कर नुकसान पहुंचाया।

खुद को भी पहुंचाने लगा चोट
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी लगातार उग्र होता गया और अपना सिर व चेहरा दीवार पर पटकने लगा। आरक्षक परमेश्वर सिंह, प्रदीप टेकाम और रविंद्र भारद्वाज ने उसे शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन उसने उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया। थाना पहुंचे फरियादियों को भी इस दौरान भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

समझाइश बेअसर, पहुंचा सलाखों के पीछे
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम राजेश चौहान, निवासी सीतामणी बताया। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी एम.बी. पटेल मौके पर पहुंचे और युवक को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

कई धाराओं में अपराध दर्ज
सहायक उपनिरीक्षक कुंवर साय की रिपोर्ट पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 132, 221, 296, 324(4), 351(3) एवं 355 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।

नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर उठे सवाल
थाना परिसर में हुई इस घटना ने नशे के बढ़ते प्रभाव और उससे पैदा हो रहे दुस्साहस को उजागर कर दिया है। जिस स्थान को कानून और अनुशासन का केंद्र माना जाता है, वहीं इस तरह की घटना ने आम लोगों में चिंता बढ़ा दी है।

नागरिकों ने नशे के खिलाफ और अधिक सख्त कार्रवाई की मांग की है।