पिता नहीं रहे तो समाज बना परिवार, सामूहिक सहयोग से संपन्न हुआ अनूठा विवाह

दीपका में सामाजिक एकता की मिसाल, उदार लोगों ने उठाया युवक-युवती के विवाह का पूरा दायित्व

कोरबा। कोयलांचल क्षेत्र में सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदनाओं का अनूठा उदाहरण सामने आया है। गेवरा-दीपका क्षेत्र के जागरूक नागरिकों और एसईसीएल कर्मियों के सहयोग से उड़ीसा निवासी युवक रंजीत राउत और बिहार की युवती सोनी कुमारी का विवाह पूरे रीति-रिवाज और हिंदू परंपरा के साथ संपन्न कराया गया।

दोनों के पिता का कुछ वर्ष पूर्व निधन हो चुका था, जिसके कारण विवाह की जिम्मेदारी समाज ने अपने हाथों में ली।
दीपका के मंगल भवन में आयोजित इस विवाह समारोह में समाज के लोगों ने रिश्तेदारों से बढ़कर भूमिका निभाई।

शादी की तैयारियों, भोजन, वस्त्र, आवास और अन्य सभी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सामाजिक सहयोग से पूरी की गई। मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और भी भावनात्मक और यादगार बना दिया।

इस सामाजिक पहल को सफल बनाने में कार्यपालन अभियंता नवीन सिंह, रघुवंश सिंह, बृजेश मिश्रा, शिवचरण सिंह राठौड़ सहित अनेक लोगों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

परंपरा के अनुसार वधु पक्ष की ओर से रघुवंश सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी सरिता सिंह ने अगुवाई की, जबकि राजेश जायसवाल और उनकी पत्नी ने कन्यादान की रस्म निभाई।

विवाह उपरांत नवदंपति को गृहस्थ जीवन की शुरुआत के लिए आवश्यक घरेलू सामग्री और उपहार भी भेंट किए गए।

समारोह में उपस्थित लोगों ने इस आयोजन को सामाजिक एकजुटता और मानवीय संवेदना की मिसाल बताया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कोयलांचल क्षेत्र में इस तरह का सामूहिक सहयोग से संपन्न विवाह दुर्लभ है। आयोजन ने यह संदेश दिया कि समाज यदि साथ खड़ा हो जाए तो किसी भी जरूरतमंद के जीवन में खुशियां लौटाई जा सकती हैं।

यह विवाह समारोह सामाजिकता, सहयोग और मानवता की प्रेरणादायक मिसाल बन गया।