इमरजेंसी लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला, देश कभी नहीं भूलेगा वह दौर : अनुज शर्मा

भाजपा ने 51वीं वर्षगांठ पर कांग्रेस को घेरा, आपातकाल को बताया लोकतंत्र का काला अध्याय

कोरबा। आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ के अवसर पर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। धरसीवां विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि वर्ष 1975 में लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय था, जिसे देश की जनता कभी नहीं भूल सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपना पद बचाने के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था को बंधक बना लिया था।

कोरबा में मीडिया से चर्चा करते हुए अनुज शर्मा ने कहा कि 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक देश ने तानाशाही और दमन का दौर देखा। संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत लागू आपातकाल के दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकारों को सीमित कर दिया गया और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता प्रभावित हुई।

उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा इंदिरा गांधी के निर्वाचन को अवैध घोषित किए जाने के बाद सत्ता बचाने के उद्देश्य से आपातकाल लागू किया गया था। इस दौरान विपक्षी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं की बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हुईं।

लोकनायक जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, मोरारजी देसाई और जॉर्ज फर्नांडिस सहित हजारों लोगों को जेल भेजा गया।

अनुज शर्मा ने आरोप लगाया कि उस समय मीडिया की स्वतंत्रता पर भी अंकुश लगाया गया, कई समाचार पत्रों पर कार्रवाई की गई और अभिव्यक्ति की आजादी को दबाने का प्रयास हुआ। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से प्राप्त लोकतंत्र को कांग्रेस सरकार ने गंभीर क्षति पहुंचाई थी।

उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को आपातकाल की वास्तविकता से अवगत कराना जरूरी है ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की जा सके। भाजपा लोकतंत्र और संविधान के प्रति जनजागरण का अभियान लगातार चला रही है।

इस अवसर पर महापौर संजू देवी राजपूत, पूर्व महापौर जोगेश लांबा, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक चावलानी, जिला उपाध्यक्ष योगेश जैन, जिला सह कोषाध्यक्ष नवीन अरोड़ा, मंडल अध्यक्ष डॉ. राजेश राठौर, योगेश मिश्रा, राकेश नागरमल अग्रवाल, अर्जुन गुप्ता, नीरज ठाकुर सहित भाजपा के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।