एचटीपीपी की फ्लाई ऐश परिवहन में गड़बड़ी का आरोप, पर्यावरण मंडल ने जारी किया नोटिस

कटघोरा में अवैध डंपिंग की शिकायत, करोड़ों के नुकसान और नियम उल्लंघन की जांच शुरू

कोरबा। हसदेव ताप विद्युत परियोजना (एचटीपीपी) से निकलने वाली फ्लाई ऐश के परिवहन और निस्तारण में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सीएसईबी प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मामले में पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन के साथ-साथ आर्थिक अनियमितताओं की भी जांच की जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार एचटीपीपी से परिवहन की गई फ्लाई ऐश को निर्धारित स्थल तक पहुंचाने के बजाय कटघोरा क्षेत्र के अमखोखरा स्थित एक मदरसा परिसर में डंप किए जाने की शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर की गई जांच में राख परिवहन और निस्तारण प्रक्रिया में कई गंभीर खामियां सामने आने की बात कही जा रही है।

इसके बाद पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सीएसईबी से विस्तृत जवाब मांगा है।

मामले में यह आरोप भी लगाया गया है कि फ्लाई ऐश परिवहन और निस्तारण से जुड़े दस्तावेजों एवं रिकॉर्ड में गड़बड़ी कर विद्युत कंपनी को करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित एजेंसियों, ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

इस प्रकरण ने ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्र में हलचल पैदा कर दी है। साथ ही यह सवाल भी उठने लगे हैं कि लंबे समय से चल रही कथित अनियमितताओं पर समय रहते निगरानी और कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) पहले ही कोरबा जिले में फ्लाई ऐश के अवैध निपटान को लेकर सख्त रुख अपना चुका है। एनजीटी ने परिवहनकर्ताओं को वाहनों पर संपर्क नंबर प्रदर्शित करने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए थे, ताकि अवैध डंपिंग की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई हो सके।

अब सभी की निगाहें छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की आगामी कार्रवाई और सीएसईबी द्वारा दिए जाने वाले जवाब पर टिकी हैं। जांच में आरोप प्रमाणित होने पर मामला पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन से आगे बढ़कर बड़े आर्थिक घोटाले की दिशा में भी जा सकता है।