भिलाई बाजार के भूमि प्रभावित परिवारों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

स्थायी रोजगार में मूल निवासियों को प्राथमिकता देने की मांग

कोरबा। भिलाई बाजार अर्जन भाग-2 की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों और वास्तविक भूमि प्रभावित परिवारों को स्थायी रोजगार में प्राथमिकता दिलाने की मांग को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग की।

ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि भूमि अधिग्रहण से प्रभावित वास्तविक परिवारों के अधिकारों की रक्षा की जाए तथा रोजगार के अवसरों में ग्राम के मूल निवासी एवं वास्तविक प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता दी जाए। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और भूमि प्रभावित परिवारों के सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं।

कलेक्टर ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि धारा-4 की अधिसूचना दिनांक 1 मार्च 2024 के बाद ग्राम भिलाई बाजार में हुए भूमि क्रय-विक्रय के मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कटघोरा को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे तथा वैधानिक प्रावधानों के तहत उचित प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल भूमि अधिग्रहण या रोजगार का विषय नहीं है, बल्कि ग्राम के वास्तविक प्रभावित परिवारों के अधिकार, सम्मान और भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण मामला है। उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि उनकी मांगों पर शीघ्र और न्यायसंगत निर्णय लिया जाएगा।

इस अवसर पर पन्ना लाल दुबे, द्वारिका प्रसाद पांडेय, दिलहरण प्रजापति, कन्हैया लाल, प्यारेलाल पाटले, प्रदीप जायसवाल, भुनेश्वर लाल वेणु, मनहरण लाल पाटले, बजरंग लाल, प्रकाश सागर, कमलेश प्रजापति, चैन सिंह, सनद दास, कृष्णा यादव, फूलसुंदरी मरकाम, नरेंद्र मरकाम, जमुना बाई, नीतू, बबली जायसवाल, अजय विंध्यराज, शरद जायसवाल, राजेश जायसवाल, हेमलाल दुबे, देवेंद्र सिंह राजपूत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

ग्रामीणों ने “एकजुट ग्राम, मजबूत आवाज” का संदेश देते हुए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का संकल्प दोहराया।