भू-विस्थापितों की आवाज बनीं सांसद ज्योत्सना महंत,अनुराग ठाकुर से मिलकर उठाए मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार के मुद्दे

कोरबा।कोरबा लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने एसईसीएल की खदान परियोजनाओं से प्रभावित भू-विस्थापित परिवारों की वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान के लिए पहल करते हुए कोल एंड स्टील माइंस कमेटी के चेयरमैन अनुराग ठाकुर से मुलाकात की। उन्होंने गेवरा, कुसमुंडा और दीपका परियोजनाओं से प्रभावित ग्रामीणों के लंबित मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार संबंधी मुद्दों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की।

सांसद महंत ने बताया कि वर्ष 2009-10 से एसईसीएल द्वारा 60 से अधिक गांवों की भूमि अधिग्रहित की गई है।

इसके बावजूद बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार आज भी उचित मुआवजा, रोजगार और पुनर्वास की सुविधा से वंचित हैं। कई गांवों में भूमि अधिग्रहण और विस्तार परियोजनाओं के कारण लोग अपनी जमीन न बेच पा रहे हैं और न ही उस पर कोई स्थायी निर्माण कर पा रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।

ज्ञापन में सांसद ने राजस्व अभिलेखों की त्रुटियों के निराकरण हेतु विशेष शिविर लगाने, लंबित मुआवजा राशि का भुगतान करने, ग्रामीणों की मांग के अनुरूप पुनर्वास स्थल स्वीकृत करने तथा रोजगार से वंचित परिवारों के लिए वैकल्पिक आजीविका और रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने स्थानीय युवाओं को एसईसीएल में प्राथमिकता देने और खदानों से फैल रहे वायु, जल एवं ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की भी बात कही।

सांसद ने डीएमएफ एवं सीएसआर निधि का उपयोग प्रभावित गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास पर प्राथमिकता से खर्च करने तथा सभी लंबित मामलों की उच्चस्तरीय जांच कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने की मांग भी रखी।

कोल एंड स्टील माइंस कमेटी के चेयरमैन अनुराग ठाकुर ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित मंत्रालयों के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई और समाधान का आश्वासन दिया।