कटघोरा-अंबिकापुर एनएच होगा फोरलेन, एक माह में सर्वे पूरा करने के निर्देश

हजारों करोड़ की परियोजना को लेकर प्रशासन सक्रिय, 20 पंचायतों में जमीन खरीद-बिक्री पर रोक

कोरबा। कोरबा जिले को बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-130 के कटघोरा से अंबिकापुर खंड को फोरलेन में अपग्रेड करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा परियोजना को मंजूरी दिए जाने के बाद जिला प्रशासन ने इसके क्रियान्वयन को लेकर समन्वय बैठक आयोजित की।

कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर), तकनीकी डिजाइन, भू-अर्जन और आवश्यक अनुमोदनों पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को निर्देश दिए कि परियोजना से संबंधित संपूर्ण सर्वेक्षण कार्य आगामी एक माह के भीतर पूर्ण किया जाए।

बैठक में मार्ग पर मौजूद अंधे मोड़ों को तकनीकी मानकों के अनुरूप सुधारने तथा सड़क डिजाइन को सुरक्षित और आधुनिक बनाने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने राजस्व विभाग को भू-अर्जन की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा वन विभाग को आवश्यक एनओसी जल्द जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही रेलवे, विद्युत विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को भी समयबद्ध तरीके से सभी अनुमतियां उपलब्ध कराने को कहा गया।

बैठक में वनमंडलाधिकारी कटघोरा कुमार निशांत, निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, ओएसडी तरुण कुमार किरण, एसडीएम कटघोरा तन्मय खन्ना, जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल सहित एनएचएआई, रेलवे एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

20 पंचायतों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक
फोरलेन परियोजना के लिए बड़ी मात्रा में भूमि अधिग्रहण प्रस्तावित है। इसे देखते हुए प्रशासन ने संभावित प्रभावित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है। एसडीएम पोड़ी-उपरोड़ा द्वारा जारी आदेश के तहत 20 पंचायतों एवं उनसे जुड़े क्षेत्रों में भूमि के क्रय-विक्रय को प्रतिबंधित किया गया है। राजस्व अमले को भी इस संबंध में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई गति
कटघोरा-अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग के फोरलेन बनने से आवागमन सुगम होगा, यात्रा समय में कमी आएगी और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही कोरबा, सरगुजा और आसपास के क्षेत्रों के आर्थिक विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।