क्षतिग्रस्त व अधूरी पुलिया-एप्रोच रोड से बारिश में बाधित होगी आवाजाही

ग्रामीणों को घूमकर करना पड़ेगा सफर, छात्रों और यात्रियों को होगी परेशानी

कोरबा। जिले के हरदीबाजार क्षेत्र में लीलागर नदी पर निर्मित नई पुलिया का निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद एप्रोच रोड अधूरी होने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। मानसून की दस्तक से पहले भी पुल और सड़क को पूरी तरह चालू नहीं किया जा सका है, जिससे बारिश के दौरान कई गांवों का संपर्क प्रभावित होने की आशंका है।

जानकारी के अनुसार हरदीबाजार से नेवसा, उतरदा, सिल्ली, बोईदा और निरतु सहित आसपास के गांवों को जोड़ने वाली पुरानी पुलिया की ऊंचाई काफी कम है। सामान्य बारिश के बाद ही लीलागर नदी का जलस्तर बढ़ जाता है और पुलिया के ऊपर से पानी बहने लगता है। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों का संपर्क टूट जाता है और आवाजाही बाधित हो जाती है।

ग्रामीणों की सुविधा के लिए नया पुल तो तैयार कर लिया गया है, लेकिन दोनों ओर की एप्रोच रोड का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है। सड़क पर केवल मिट्टी डाली गई है, जिससे बारिश शुरू होते ही मार्ग की स्थिति खराब होने की संभावना है। यदि समय रहते एप्रोच रोड का निर्माण नहीं हुआ तो वाहनों की आवाजाही मुश्किल हो जाएगी।


छात्रों और यात्रियों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
पुलिया पर पानी भरने की स्थिति में नेवसा सहित आसपास के गांवों के स्कूली विद्यार्थियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। हरदीबाजार और दीपका के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है। इसके अलावा यह मार्ग हरदीबाजार को बलौदा, सीपत और मस्तूरी से भी जोड़ता है, जिससे यात्री बसों का संचालन भी प्रभावित हो सकता है।

दूरी बढ़ने से बढ़ेगी परेशानी
हरदीबाजार से नेवसा की दूरी पुलिया मार्ग से लगभग 2 किलोमीटर है, जबकि वैकल्पिक बायपास मार्ग से होकर जाने पर करीब 5 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में ग्रामीणों को समय और खर्च दोनों का नुकसान उठाना पड़ेगा।

मानसून से पहले निर्माण पूरा करने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि मानसून के सक्रिय होने से पहले एप्रोच रोड का निर्माण कार्य पूरा कराया जाए, ताकि बारिश के दौरान क्षेत्र की आवाजाही प्रभावित न हो और लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।