डीजल चोर गिरोह से संपर्क महंगा पड़ा, चार पुलिसकर्मी निलंबित

कोरबा। आपराधिक तत्वों और अवैध कारोबारियों से कथित सांठगांठ रखने के आरोप में जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। कार्रवाई डीजल चोरी के चर्चित मामले की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है।
जानकारी के अनुसार, एसईसीएल की खदानों से डीजल चोरी करने वाले गिरोह के सरगना एवं 10 हजार रुपये के इनामी बदमाश नवीन कश्यप सहित उसके दो साथियों पुरुषोत्तम और शब्बीर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले की गहन पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया गया कि गिरोह को विभाग के भीतर से किसी प्रकार की मदद तो नहीं मिल रही थी।

सूत्रों के मुताबिक जांच में चार पुलिसकर्मियों के आरोपियों से संपर्क होने की बात सामने आई। विभागीय जांच और पुष्टि के बाद पुलिस अधीक्षक ने डीजल चोरी प्रकरण में लापरवाही और संदिग्ध भूमिका पाए जाने पर कटघोरा में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक, बांकीमोंगरा थाना के एक प्रधान आरक्षक तथा दो आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

बताया जाता है कि जिले में अवैध डीजल चोरी, कबाड़ कारोबार और नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसके बावजूद कुछ मामलों में अपराधियों को विभागीय स्तर पर संरक्षण मिलने की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। इससे पहले भी अवैध कारोबारियों से मिलीभगत के आरोप में पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो चुकी है।

पुलिस अधीक्षक की इस सख्त कार्रवाई को विभाग के भीतर अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। साथ ही यह संदेश भी दिया गया है कि आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों को किसी भी स्तर पर संरक्षण देने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।