पीएम आवास की किस्त अटकी, अधर में लटका निर्माण कार्य; हितग्राहियों ने निगम पहुंच जताई नाराजगी

भुगतान नहीं मिलने से मजदूरों और सप्लायरों का बकाया बढ़ा, पार्षदों ने आयुक्त को सौंपा ज्ञापन

कोरबा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत शहरी आवासों का निर्माण कार्य भुगतान में हो रही देरी के कारण प्रभावित हो रहा है। लंबित किस्तों के चलते बड़ी संख्या में हितग्राही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और कई निर्माण कार्य बीच में ही रुक गए हैं। समस्या से परेशान लोगों ने पार्षदों के साथ नगर निगम के साकेत भवन पहुंचकर नाराजगी जताई और जल्द भुगतान की मांग की।

जानकारी के अनुसार, आवास निर्माण की अगली किस्त नहीं मिलने से ठेकेदारों, मजदूरों और निर्माण सामग्री आपूर्तिकर्ताओं का भुगतान अटक गया है। आर्थिक तंगी के चलते कई परिवारों ने मकान निर्माण कार्य बंद कर दिया है, जबकि कुछ लोगों को कर्ज लेकर या निजी संपत्ति बेचकर खर्च का इंतजाम करना पड़ा।

हितग्राहियों ने बताया कि पुराने मकान तोड़ने के बाद वे किराए के घरों में रहने को मजबूर हैं। एक ओर किराए का बोझ है तो दूसरी ओर अधूरे मकान के निर्माण का खर्च। कुछ परिवारों ने दावा किया कि आवास निर्माण पूरा कराने के लिए महिलाओं के सोने-चांदी के जेवर तक बेचने पड़े, जिससे आर्थिक और पारिवारिक संकट की स्थिति बन गई है।

मामले को लेकर पार्षद रवि चंदेल, सुखसागर निर्मलकर एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने प्रभावित हितग्राहियों के साथ निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर लंबित किस्तों का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की। उनका कहना है कि योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है, लेकिन भुगतान में देरी से हितग्राही मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

वहीं, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने बताया कि तकनीकी कारणों से भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई है।

आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है और लंबित भुगतान जल्द जारी कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।