भूमि के बदले रोजगार की शिकायतों की जांच के लिए SECL ने गठित की उच्चस्तरीय स्थायी समिति

पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध शिकायत निवारण की दिशा में अहम पहल

बिलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने भूमि के बदले रोजगार से संबंधित शिकायतों के निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध निराकरण के लिए उच्चस्तरीय स्थायी समीक्षा समिति का गठन किया है। समिति प्रत्येक शिकायत का उपलब्ध अभिलेखों, दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर परीक्षण कर अपनी अनुशंसाएं सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगी।

SECL की इस पहल का उद्देश्य भूमि के बदले रोजगार की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना तथा पात्र हितग्राहियों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। समिति शिकायतों की जांच निर्धारित नियमों एवं प्रक्रिया के अनुरूप करेगी।

पांच सदस्यीय समिति करेगी प्रकरणों की समीक्षा
गठित समिति के अध्यक्ष महाप्रबंधक (भू-राजस्व), SECL मुख्यालय बिलासपुर होंगे। समिति में महाप्रबंधक (योजना एवं परियोजना), महाप्रबंधक (मानव संसाधन/श्रमशक्ति), महाप्रबंधक (मानव संसाधन/औद्योगिक संबंध) तथा उप-महाप्रबंधक (विधि), SECL मुख्यालय बिलासपुर को सदस्य बनाया गया है।

समिति आवश्यकता के अनुसार संबंधित दस्तावेजों और अभिलेखों की जांच करेगी। इसके अलावा अधिकारियों से आवश्यक जानकारी लेने के साथ उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों का सत्यापन भी किया जाएगा। इसके आधार पर शिकायतों का परीक्षण कर उचित अनुशंसा सक्षम प्राधिकारी को भेजी जाएगी।

जाली दस्तावेज और गलत तरीके से रोजगार के मामलों की भी होगी जांच
SECL के अनुसार भूमि के बदले रोजगार से संबंधित अनियमितता, जाली अथवा कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल, तथ्य छिपाकर रोजगार प्राप्त करने अथवा अन्य संबंधित मामलों की शिकायत समिति के समक्ष की जा सकती है। शिकायतकर्ता को शिकायत के साथ आवश्यक दस्तावेज और उपलब्ध साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे।

शिकायत वापस लेने का प्रावधान नहीं
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि विधिवत दर्ज शिकायत को वापस लेने का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में शिकायतकर्ताओं से अपील की गई है कि वे केवल प्रामाणिक तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही शिकायत दर्ज कराएं।

SECL ने संबंधित पक्षों और आम नागरिकों से अधिकृत माध्यमों से ही शिकायत प्रस्तुत करने तथा बिचौलियों, अपुष्ट सूचनाओं और भ्रामक दावों से सावधान रहने की अपील की है।

झूठी शिकायत पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई
कंपनी ने चेतावनी दी है कि जांच के दौरान यदि कोई शिकायत जानबूझकर असत्य, दुर्भावनापूर्ण या भ्रामक तथ्यों पर आधारित पाई जाती है अथवा किसी व्यक्ति की छवि धूमिल करने या अनावश्यक उत्पीड़न के उद्देश्य से की गई प्रतीत होती है, तो संबंधित शिकायतकर्ता के खिलाफ प्रचलित नियमों एवं लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

SECL ने कहा है कि उच्चस्तरीय स्थायी समीक्षा समिति के गठन से भूमि के बदले रोजगार संबंधी शिकायतों की जांच व्यवस्था अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय होगी।

इससे वास्तविक एवं पात्र हितग्राहियों के हितों की सुरक्षा के साथ शिकायत निवारण तंत्र में जनविश्वास और संस्थागत जवाबदेही को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।