बैल और भैंस का शिकार किया वन्यप्राणी ने, क्षेत्र में दहशत

कोरबा। वनमंडल कोरबा के अंतर्गत कोरकोमा क्षेत्र में वन्यप्राणी के हमले से एक बैल और एक भैंस की मौत हो गई। दो अलग-अलग स्थानों पर हुई इन घटनाओं के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निगरानी बढ़ा दी है और हमलावर वन्यप्राणी की पहचान के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) प्रेमलता यादव के निर्देश पर घटनास्थलों के आसपास थर्मल कैमरे लगाए गए हैं, ताकि वन्यप्राणी की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और उसकी पहचान की जा सके।

पहली घटना 27 मई को पसरखेत वन परिक्षेत्र के कोलगा परिसर में सामने आई। कर्रानारा बस्ती निवासी आमासो उरांव का बैल सुबह चरने के लिए जंगल गया था, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटा। खोजबीन के दौरान उसका शव कटंग नाला के पास मिला। मवेशी के शरीर पर किसी हिंसक वन्यप्राणी के हमले के स्पष्ट निशान पाए गए। वन अमले ने मौके का निरीक्षण किया और प्रारंभिक जांच में मिले पगचिह्नों के आधार पर तेंदुए के हमले की आशंका जताई है।

दूसरी घटना कोरबा वन परिक्षेत्र के कोरकोमा सर्किल में हुई।

यहां दुहन सिंह राठिया की भैंस चरने के लिए गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। तलाश के दौरान फिटकपारा स्थित एक राइस मिल से कुछ दूरी पर जंगल की खाई में भैंस मृत अवस्था में मिली। वन विभाग ने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किए हैं।

वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से सतर्क रहने, मवेशियों को समूह में चराने तथा जंगल क्षेत्र में अकेले न जाने की अपील की है। विभाग द्वारा प्रभावित पशुपालकों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद वन विभाग क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और हमलावर वन्यप्राणी की पहचान के लिए विशेष निगरानी अभियान चला रहा है।