मल्हार 4.0 में दिखी बालको परिवार की सृजनात्मकता और बालकोनगर की खूबसूरती

280 से अधिक छायाचित्रों ने बयां की प्रकृति, बारिश, धरती और बालको की विरासत की कहानी

कोरबा। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वारा आयोजित दो दिवसीय फोटोग्राफी प्रदर्शनी ‘मल्हार 4.0’ का सफल समापन हुआ। बालको टाउनशिप में आयोजित प्रदर्शनी में बालको परिवार की रचनात्मकता के साथ बालकोनगर की प्राकृतिक खूबसूरती, प्रकृति के विविध रूप और कंपनी की विरासत तस्वीरों के माध्यम से जीवंत नजर आई। प्रदर्शनी को कर्मचारियों, उनके परिवारजनों और स्कूली विद्यार्थियों सहित 2 हजार से अधिक दर्शकों ने देखा।

प्रदर्शनी में ‘मेघ मल्हार’, ‘बरखा’ और ‘धरा’ विषयों पर आधारित 280 से अधिक छायाचित्र प्रदर्शित किए गए।

प्रतिभागियों ने बादलों, बारिश, प्रकृति, धरती और जीवन के विभिन्न रंगों को अपने कैमरे में कैद कर अलग-अलग भावनाओं और दृष्टिकोणों को सामने रखा।

समापन समारोह में बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश सिंह ने विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को सम्मानित किया। विशेषज्ञ निर्णायक मंडल ने तीनों प्रतियोगी श्रेणियों में विजेताओं का चयन किया। इस वर्ष ‘दर्शकों की पसंद’ श्रेणी भी जोड़ी गई, जिसमें दर्शकों ने क्यूआर कोड के माध्यम से अपने पसंदीदा छायाचित्र के लिए मतदान किया।

सीईओ राजेश सिंह ने कहा कि मल्हार में प्रदर्शित तस्वीरें बालको परिवार की रचनात्मकता और विविध दृष्टिकोणों को दर्शाती हैं। कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता के साथ उनकी रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना भी कंपनी की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मल्हार ने कर्मचारियों को अपनी कल्पनाशीलता व्यक्त करने का मंच दिया है और भविष्य में इसे और व्यापक बनाकर अधिक प्रतिभाओं एवं हितधारकों को इससे जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

बालको की कर्मचारी एवं प्रतिभागी मिथिला प्रधान ने बताया कि वह पिछले तीन वर्षों से मल्हार में अपनी तस्वीरें प्रदर्शित कर रही हैं। इस वर्ष उनके मित्रों ने भी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, जिससे उनका अनुभव और अधिक खास बन गया।

विरासत और कैमरों का संग्रह रहा आकर्षण
प्रदर्शनी में बालको की विकास यात्रा को दर्शाने वाला विशेष फोटो संग्रह भी आकर्षण का केंद्र रहा। इसमें वर्ष 1965 से बालको की विकास यात्रा को तस्वीरों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही पुराने क्लासिक कैमरों से लेकर आधुनिक डिजिटल कैमरों तक का संग्रह प्रदर्शित किया गया, जिसने दर्शकों को फोटोग्राफी और तकनीक के बदलते दौर से परिचित कराया।

‘मल्हार 4.0’ ने फोटोग्राफी प्रदर्शनी से आगे बढ़कर बालको परिवार की रचनात्मकता, संवेदनशीलता, विरासत और विविध दृष्टिकोणों को साझा करने वाले मंच के रूप में अपनी पहचान बनाई।